
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘राज्य शिक्षक पुरस्कार’ की चयन प्रक्रिया को इस बार अधिक पारदर्शी और कड़ा बना दिया गया है। पुरस्कार की दौड़ में शामिल शिक्षकों के लिए केवल कागजी उपलब्धियां गिनाना अब काफी नहीं होगा। उम्मीदवारों को चयन समिति के सामने यह सिद्ध करना होगा कि उनके शिक्षण प्रयासों से कक्षा-कक्ष के माहौल में क्या वास्तविक बदलाव आया और विद्यालय में बच्चों के नामांकन में कितनी वृद्धि हुई।
शिक्षा विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, जिलों से चयनित शिक्षकों के साक्षात्कार और प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया 13 से 19 अगस्त तक दो पालियों में संचालित की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक शिक्षक को महज पांच मिनट में पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से अपने नवाचारों, पढ़ाने के तरीकों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और विद्यालय के कायाकल्प की तस्वीर पेश करनी होगी। इसके तुरंत बाद चयन समिति शिक्षकों के नवाचारों और उनके प्रभाव से जुड़े तीखे सवाल पूछेगी।
चार चरणों में मंडलवार साक्षात्कार का शेड्यूल:
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13 अगस्त: वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, भदोही, सोनभद्र, आजमगढ़, मऊ, बलिया व सिद्धार्थनगर।
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14 अगस्त: लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, अयोध्या, सुलतानपुर, अमेठी, बाराबंकी व अंबेडकरनगर।
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18 अगस्त: कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, झांसी, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, बरेली, बदायूं, पीलीभीत व शाहजहांपुर।
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19 अगस्त: मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, एटा, कासगंज, आगरा, मैनपुरी, मथुरा, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ व हाथरस।
चयन समिति का मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि शिक्षकों के प्रयोगों से बच्चों के सीखने के स्तर में कितना गुणात्मक सुधार आया है, ताकि केवल वास्तविक रूप से धरातल पर काम करने वाले शिक्षकों को ही इस राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा जा सके।
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