
प्रधानमंत्री मोदी व सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान,
यात्रियों की चेतावनी पर चालक व परिचालक अमल करते तो हादसा टल सकता था
लोकपथ लाइव, ग्रेटर नोएडा। राजधानी दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही एक निजी स्लीपर बस में बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण आग लग गई। जेवर थाना क्षेत्र में हुए इस दर्दनाक हादसे में एक महिला समेत नौ यात्रियों की जलकर और दम घुटने से मौत हो गई। बस में कुल 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 26 को दमकल और पुलिसकर्मियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर व गैस कटर से बस का ढांचा काटकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख प्रकट करते हुए पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चालक और परिचालक को हिरासत में ले लिया है।


राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख; मुआवजे का ऐलान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: राष्ट्रपति ने इस हादसे को बेहद दर्दनाक बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने हादसे पर दुख जताया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लेते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए और राज्य सरकार की तरफ से भी मृतकों के आश्रितों को ₹2-2 लाख व घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।

धुएं से घुटा दम, सो रहे यात्रियों को नहीं मिला संभलने का मौका
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र के अनुसार, पंजीकरण संख्या BR32PA8647 वाली स्लीपर बस जब जेवर इलाके के पास पहुंची, तब अचानक इंजन के हिस्से से तेज धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस में जहरीला धुआं भर गया। हादसा देर रात होने के कारण कई यात्री नींद में थे। धुएं और आग की वजह से बस के भीतर चीख-पुकार मच गई और कई लोग बेहोश हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बचाव दल और जेवर टोल प्लाजा से दमकल की गाड़ियों समेत कुल पांच अग्निशामक वाहन मौके पर पहुंचे। बचाव दल के कर्मचारियों ने धुएं से भरी बस के अंदर प्रवेश कर शवों को बाहर निकाला।
एफआईआर में बड़ा खुलासा: यात्रियों की शिकायत को हंसी में उड़ाया
हादसे को लेकर दर्ज कराई गई प्राथमिकी (एफआईआर) में यात्रियों की ओर से बेहद चौंकाने वाले और गंभीर आरोप सामने आए हैं। यात्रियों का कहना है कि आग विकराल होने से पहले ही बस के भीतर जलने की गंध आ रही थी। चेतावनी को किया अनदेखा: यात्रियों ने जब बस के अंदर आ रही बदबू और चालक-क्लीनर द्वारा किए जा रहे धूम्रपान पर आपत्ति जताई, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय हंसी में उड़ा दिया।
चुप रहने की दी धमकी: आरोप है कि आपत्ति जताने पर चालक और परिचालक यात्रियों को चुप रहने की धमकी देने लगे और बस को रोककर जांच करने से इनकार कर दिया। इसके कुछ ही मिनटों बाद बस पूरी तरह आग की चपेट में आ गई।
एसी स्पार्क से इंजन ऑयल में आग लगने की आशंका
मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार के अनुसार, शुरुआती तकनीकी जांच से संकेत मिलते हैं कि बस की एयर-कंडीशनिंग (AC) प्रणाली में शार्ट सर्किट या धमाका हुआ था। इसके कारण निकली चिंगारी ने इंजन के ‘लुब्रिकेंट ऑयल’ में आग पकड़ ली, जो ज्वलनशील होने के कारण तेजी से पूरी स्लीपर बस में फैल गई। फिलहाल फोरेंसिक टीम जांच में जुटी है।











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