
मेरठ में चार मंडलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: 4 जनवरी को होगा वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन
लोकपथ लाइव, मेरठ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव-2027 को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिहीन संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को साकेत स्थित ऊर्जा भवन में भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख मंडलों—मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ के 18 जिलों के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए उप निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि राज्य में मतदाता सूची का ड्राफ्ट 12 नवंबर को प्रकाशित कर दिया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा। आयोग का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है जो 100% शुद्ध हो और जिसमें किसी भी योग्य नागरिक का नाम छूटने न पाए।


डिजिटल व पोलिंग बूथों पर उपलब्ध रहेगी सूची
उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रदेश की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों को सौंपी जाएगी। इसके अलावा, आम जनता की सुविधा के लिए इसे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित पोलिंग स्टेशनों पर भी चस्पा किया जाएगा।यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि दिखती है या नाम गायब मिलता है, तो वह तय समय सीमा के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।मतदाता सूची पुनरीक्षण का पूरा शेड्यूल1
2 नवंबर: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन।
12 नवंबर से 11 दिसंबर: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
28 दिसंबर: प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण।
4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का भव्य प्रकाशन। प्राप्त दावों और आपत्तियों पर संबंधित क्षेत्रों के सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पूरी निष्पक्षता और नियमानुसार त्वरित निर्णय लेंगे।

जानिए कौन सा फार्म किस काम आएगा?
निर्वाचन आयोग ने आम नागरिकों की सहूलियत के लिए विभिन्न प्रकार के फार्मों की व्यवस्था की है। यदि आप नया वोटर आईडी कार्ड बनवाना चाहते हैं या कोई बदलाव कराना चाहते हैं, तो निम्नलिखित फार्म भर सकते हैं:
फार्म संख्या 6: फार्म 6नए मतदाताओं (18 वर्ष या उससे अधिक) का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए।
फार्म 6A: प्रवासी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए।
फार्म 7: फर्जी या मृत व्यक्ति का नाम हटाने अथवा किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए।
फार्म 8: पता बदलने, नाम/उम्र सुधारने, फोटो बदलने या अन्य संशोधनों के लिए।
ईवीएम प्रशिक्षण और कानून-व्यवस्था पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान आगामी चुनाव प्रबंधन के कई अहम पहलुओं पर पीपीटी (PPT) के माध्यम से विस्तृत चर्चा की गई। उप निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मतदाता सूची को शुद्ध बनाना तो था ही, साथ ही चुनाव के दौरान सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखना और ईवीएम (EVM) का व्यापक प्रशिक्षण देना भी शामिल रहा।इसके अलावा, अधिक से अधिक मतदान प्रतिशत हासिल करने के लिए स्वीप (SVEEP) अभियान के तहत मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर बल दिया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के अन्य शेष जिलों में भी जल्द ही इसी तर्ज पर मंडलीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा, चार मंडलों के मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस उप महानिरीक्षक, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक शामिल रहे।











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