Select Language :

Home » एजुकेशन » TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का ‘ब्लैक डे’, काली पट्टी बांधकर दी ड्यूटी

TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का ‘ब्लैक डे’, काली पट्टी बांधकर दी ड्यूटी

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता का विवाद अब सड़कों और स्कूलों तक पहुँच गया है। सोमवार को जिले भर के शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। खास बात यह रही कि शिक्षकों ने न केवल स्कूलों में पढ़ाया, बल्कि बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी भी काली पट्टी बांधकर ही निभाई।

सोशल मीडिया से जमीन तक पहुँचा आंदोलन

शिक्षकों का यह विरोध प्रदर्शन सुनियोजित तरीके से किया गया। 22 फरवरी को ट्विटर (अब X) पर व्यापक डिजिटल कैंपेन चलाया गया। 23 फरवरी से जिले के सभी ब्लॉक और स्कूलों में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधी। शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाने की कोशिश की।


बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी और विरोध साथ-साथ

बोर्ड परीक्षाओं के संवेदनशील समय में भी शिक्षकों ने अपने संवैधानिक विरोध को जारी रखा। शिक्षकों का तर्क है कि जो शिक्षक वर्षों से अपनी सेवा दे रहे हैं, उन पर अचानक टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके सेवा अधिकारों (Service Rights) का हनन है। इस अभियान में इस अभियान में प्राथमिक शिक्षक संघ, महिला शिक्षक संघ सहित अन्य संगठनों के शिक्षकों ने भाग लिया। यह अभियान पूरे जनपद में पूरी एकजुटता के साथ सफल रहा। महिला शिक्षकों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिक्षकों का कहना है कि पुराने शिक्षकों पर से टीईटी की अनिवार्यता को तुरंत हटाया जाए। सेवा नियमों में बदलाव कर शिक्षकों के हितों की रक्षा की जाए। वरिष्ठता और अनुभव को प्राथमिकता दी जाए।

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

खबरें और भी हैं...

वोट करें

[democracy id="1"]

Our Visitor

1 3 3 0 7 2
Total views : 384117

Follow us on