
भारत-चीन समेत ऊर्जा खरीदार देशों पर मंडराया आर्थिक संकट, US फेड ने भी बढ़ाईं ब्याज दरें
लोकपथ लाइव, वाशिंगटन। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को रूस और ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने वाले एक बड़े विधेयक ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को 262-159 के बहुमत से मंजूरी दे दी है। सीनेट से पहले ही पारित हो चुका यह 61 पन्नों का विधेयक अब अंतिम हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेज दिया गया है। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से भारी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले देशों (जैसे भारत और चीन) के सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का विवेकाधिकार मिल गया है।


रूसी ऊर्जा आय रोकने पर सीधा निशाना
विधेयक का मुख्य उद्देश्य रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर आर्थिक शिकंजा कसना और यूक्रेन युद्ध के लिए उसकी फंडिंग के स्रोतों को सुखाना है। हालांकि, विधेयक में यह भी प्रावधान है कि जो देश अपनी कुल प्राकृतिक गैस निर्भरता में रूस का हिस्सा 15 फीसदी से कम रखते हैं और आयात घटाने के ठोस कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है।

अमेरिकी फेड ने 0.25% बढ़ाईं ब्याज दरें
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक और अहम फैसले में, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की है। महंगाई दर को 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक लाने के उद्देश्य से 2023 के बाद पहली बार यह वृद्धि की गई है, जिससे अब फेडरल फंड्स रेट बढ़कर 3.75% से 4% के दायरे में पहुंच गई है।











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