सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के दो आईएएस अधिकारियों की रिहाई के निर्देश
इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिकारियों को हिरासत में लेने के आदेश पर लगाई रोक

LP Live, New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के दो आईएएस अधिकारियों को बड़ी राहत दी है और इलाहाबाद हाई कोर्ट के उन्हें हिरासत में लेने के आदेश पर रोक लगा दी है। दोनों अधिकारियों को रिहा करने के निर्देश जारी किये।
दरअसल हाई कोर्ट के आदेश पर यूपी के सचिव वित्त शाहिद मंजर रिजवी और विशेष सचिव वित्त सरयू प्रसाद मिश्रा को इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर हिरासत में लिया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए हिरासत में लिए गये दोनों अधिकारियों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट इस मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत भी हो गई है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों को सुविधाएं देने के मामले में इस आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें राहत दी गई।

क्या था पूरा मामला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जजों के घरेलू नौकर समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने के मामले में चीफ जस्टिस के प्रस्तावित नियम को तत्काल अमल में लाएं। वहीं इस संबंध में जारी पूर्व शासनादेश तीन जुलाई 2018 को अतिक्रमित कर उचित आदेश जारी किया जाए। हाई कोर्ट द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर अमल करते हुए वित्त विभाग हफ्तेभर में अनुमोदन दे। हाईकोर्ट की ओर से चार अप्रैल को पारित आदेश को लेकर शासन ने कोर्ट के समक्ष रीकॉल एप्लीकेशन दी थी, जिसमें उक्त आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने इसे अपने आदेश की अवहेलना मानते हुए दोनों अधिकारियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दे दिया।
अब्दुल्ला आजम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
विरोध प्रदर्शन मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में अब्दुल्ला आजम ने मांग की है। इलाहाबाद होईकोर्ट द्वारा धरना प्रदर्शन मामले में उन्हें दोषी ठहराए जाने पर रोक लगे। अब सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करेगा। बता दें कि 29 जनवरी 2008 को मुरादाबाद के छजलैट में पुलिस चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने सपा नेता अब्दुला आजम की कार को चेकिंग के लिए रोका तो अब्दुल्ला आजम वहीं धरने पर बैठ गए थे। इस पर पुलिस ने अब्दुल्ला आजम और कई अन्य सपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराया और दो साल की सजा सुनाई है।
