
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को किताबी ज्ञान देने के साथ–साथ आत्मनिर्भर बनाने की अनोखी सोच रखने वाली जनपद की शिक्षिका आरती शर्मा ने प्रदेश स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी की गई ‘राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025′ की 61 मेधावी शिक्षकों की सूची में मुजफ्फरनगर के सदर ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय रुस्तमगढ़ की प्रधानाध्यापिका आरती शर्मा का नाम शामिल होने से पूरे शिक्षक वर्ग में हर्ष का माहौल है।
1999 में शिक्षक सेवा में आई थी चयनित शिक्षिका
बेसिक शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की प्रक्रिया के तहत जनपद से तीन शिक्षकों दिलशाद अहमद (प्राथमिक विद्यालय, गंगारामपुरा), दीपा त्यागी (उच्च प्राथमिक विद्यालय, सेदपुर कलां) और आरती शर्मा ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए साक्षात्कार दिया था। प्रदेश स्तरीय चयन समिति द्वारा कार्यों की सघन समीक्षा के बाद आरती शर्मा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। शहर के ब्रह्मपुरी निवासी आरती शर्मा के पति भी बेसिक शिक्षा विभाग में ही शिक्षक हैं। 13 दिसंबर 1999 को विभाग में सेवा शुरू करने वाली आरती शर्मा मूल रूप से शारीरिक शिक्षा की अध्यापिका हैं, हालांकि वे बच्चों को सभी विषयों में पारंगत बनाती हैं।
आरती शर्मा रही है नेशनल प्लेयर
हाई जंप की नेशनल प्लेयर और एनसीसी में ‘सी’ सर्टिफिकेट धारक आरती शर्मा ने खेल और शारीरिक शिक्षा के अपने अनुभव को विद्यालय के विकास में झोंक दिया। उनके विद्यालय में वर्तमान में 151 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए उनके साथ चार शिक्षक-शिक्षिकाएं और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। आरती शर्मा ने केवल पारंपरिक पढ़ाई तक खुद को सीमित न रखकर बालिकाओं के भीतर अदम्य साहस और आत्मविश्वास भरने के लिए उन्हें लाठी चलाने और आत्मरक्षण (सेल्फ डिफेंस) की बारीकियां सिखानी शुरू कीं। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उनके इसी अभिनव प्रयास ने उन्हें इस सर्वोच्च राज्य पुरस्कार का हकदार बनाया है।
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