
भारी मात्रा एडल्ट टॉयज, नकली दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और ऑनलाइन प्रचार में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: पश्चिम देशों की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मुजफ्फरनगर शहर में बझेडी रोड पर इमरान कालोनी में घनी आबादी के बीच अवैध रुप से चल रहे एडल्ट टॉयज के गोरखधंधे के एक सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद किया है। इस गंदे कारोबार से जुडे दो धंधेबाजों को हिरासत में लेकर इसके नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। यह मामला शहर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के जिस मौहल्ले का है, जहां स्थानीय लोग भी वयस्क उपयोग से जुड़े ‘एडल्ट टॉयज’ के इस घिनौने कारोबार से अनजान थे। सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा के नेतृत्व में सिविल लाइन पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए मौके से वयस्क उपयोग से जुड़े ‘एडल्ट टॉयज’ के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा एडल्ट टॉयज, नकली दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और ऑनलाइन प्रचार में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामान को सील कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन रघुराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक गुप्त और सटीक सूचना पर बझेडी रोड पर इमरान कॉलोनी क्षेत्र में बीती रात छापेमारी की। पुलिस ने मौके से मोहम्मद फुरकान (निवासी लद्धावाला, हाल पता इमरान कॉलोनी) और शाहिद (निवासी लोनी गाजियाबाद, हाल पता इमरान कॉलोनी) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर इस छापेमारी के दौरान पुलिस दल ने मौके से एक बंद गोदाम से पुलिस ने भारी मात्रा में एडल्ट टॉयज, 50 माजून की डिब्बियां, 12 बंडल फर्जी रैपर टेप (आरएमडी हरबल), 1 कार्टन ‘वोरेक्स वर्जिन पोड कैप्सूल’, 473 बेल्ट युक्त डिल्डो, 1525 सिलिकन कंडोम, 1820 ड्रैगन कंडोम, 270 शीशी पीले रंग का संदिग्ध तरल पदार्थ, सैकड़ों की संख्या में रंग-बिरंगी गोलियों की डिब्बियां/पैकेट तथा प्रचार में इस्तेमाल होने वाला 1 लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया है।

यूट्यूब और व्हाट्सएप के जरिए करते थे प्रचार
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बाजार से कच्चा माल लाकर अपने घर पर ही बिना किसी वैध लाइसेंस या मेडिकल डिग्री के कामोत्तेजक दवाएं और माजून तैयार करते थे। इसके बाद उन पर नामचीन कंपनियों का फर्जी लेबल लगाकर उन्हें ऊंचे दामों में बेच दिया करते थे। अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे अपने अवैध धंधे को फैलाने के लिए यूट्यूब और व्हाट्सएप के जरिए विज्ञापनों का सहारा लेकर प्रचार करते थे और युवाओं को आकर्षित कर ऑनलाइन सप्लाई करते थे। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं तथा 67 आईटी एक्ट के तहत मामला (मु.अ.सं. 248/26) पंजीकृत किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के ‘फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज’ की गहनता से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कच्चा माल कहां से मंगाते थे और इस अवैध नेटवर्क में कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं।
घिनौने कारोबार से माैहल्लावासी भी थे अनजान
शहर के सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार पुलिस को अवैध रूप से वयस्क सामग्री के भंडारण और वितरण की गुप्त जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने चिन्हित मोहल्ले में स्थित एक बंद पड़े गोदाम नुमा मकान पर अचानक छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस छापेमामारी के दौरान जांच में सामने आया कि इस मकान का उपयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा था, जहाँ से विभिन्न क्षेत्रों में इन उत्पादों की गुप्त रुप से सप्ताई की जाती रही है। इसमें खासबात ये है कि जिस मोहल्ले में यह गोरखधंधा चल रहा था, इससे स्थानीय लोग भी अनजान थे ,जिन्हें छापेमारी के बाद इस घिनौने कारोबार की जानकारी मिलने हैरानी हुई। की बात यह रही कि जिस घनी आबादी वाले इलाके में यह सब चल रहा था, वहाँ के स्थानीय निवासियों को भी इस अवैध गतिविधि की भनक तक नहीं थी।
पुलिस नेटवर्क की चेन को तलाशने में जुटी
पुलिस ने इस अवैध कारोबार से जुडे हिरासत में लिए लोगों को गहन पूछताछ करने में जुटी है, ताकि इस गोरखधंधे में इस अवैध सामान की आपूर्ति कहां से होती है और यहां से इसे गुप्त रुप से किस प्रकार बिक्री के लिए भेजा जाता है। अधिकारियों की माने तो ज्यादातर सामान ऑनलाइन बुकिंग के जरिए भेजा जाता रहा है, जिसके लिए एडल्ट लिंक की जानकारी भी है। इस छापेमारी के दौरान पुलिस द्वारा बरामद किये गये सामान का सील करके कानूनी कार्रवाई शुरु कर दी पुलिस की इस अवैध गोरखधंधे के पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है।
पुलिस की जांच का फोकस
कारोबार के पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ना है। जांच में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उत्पादों के स्रोत में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस सामान की खेप को कहाँ से मंगवाया जाता है और इसमें कौन कौन से बड़े सप्लायर शामिल हैं। वही इस अवैध सामान की आपूर्ति यहां से किन-किन लोगों और किन माध्यमों (ऑनलाइन या ऑफलाइन) से उपभोक्ताओं तक की जाती है। इसके अलावा इस घिनौने कारोबार के सिंडिकेट का सरगना कौन है और उसमें कौन कौन शामिल है और इसका वित्तीय लेन देने किस प्रकार से किया जाता है।
शहर के रसूखदारों तक पहुंच सकती है इसकी आंच
सिविल लाइन पुलिस थाने में अधिकारी इस कार्रवाई के दौरान जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनसे गहन पूछताछ कर रही है। ऐसी संभावना है कि इस नेटवर्क में शहर और अन्य शहरों के रसूखदार लोग भी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इस घिनौने गोरखधंधे का भंडाफोड होने की खबर शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और रसूखदार नाम सामने आ सकते हैं, जिनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।












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