दिवंगत दो शिक्षक परिवारों को मिले एक करोड़ आठ लाख रूपये


LP Live, Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर के दो दिवंगत शिक्षक स्व. सुनील कुमार, मोरना और स्व. राघवेन्द्र कुमार ब्लॉक जानसठ का निधन विगत जनवरी में हो गया था I वे टीचर्स सेल्फ केयर टीम के सदस्य थे I इस माह जून उनके परिवार का सहयोग किया गया है I जिसमें पूरे उत्तर प्रदेश के बेसिक माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों ने मात्र 23 रुपये एक परिवार को भेज कर 54 लाख रुपये से ज्यादा की मदद की है I जो उन शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई में काम आयेगी I
माह जून में टीचर्स सेल्फ केयर टीम ने उत्तर प्रदेश के कुल 10 दिवंगत शिक्षकों के परिवार का सहयोग किया तो, जिसमें मात्र 23 रुपये हर परिवार को सीधे उनके बैंक खाते में भेज कर कुल 5 करोड़ 40 लाख से ज्यादा की मदद की है I टीचर्स सेल्फ केयर टीम की अपील पर हर महीने की 15 तारीख से 25 तारीख तक सहयोग होता है I जिसमें प्रदेश के शिक्षक, अपने साथी के परिवार के खाते में सीधे नाम मात्र की राशि भेजते हैं जो अंत मे 55 से 60 लाख के बीच हो जाती है I इस प्रकार टीचर्स सेल्फ केयर टीम अब तक 186 शिक्षक परिवारों को 63 करोड़ से ज्यादा की मदद कर चुकी है जो पूरे देश मे एक रिकॉर्ड है I इस प्रकार की मदद पूरे भारत में सिर्फ टीचर्स सेल्फ केयर टीम ही कर रही है ई
2020 में हुई थी स्थापना
टीचर्स सेल्फ केयर टीम की स्थापना जुलाई 2020 में प्रयागराज के शिक्षक विवेकानंद ने अपने साथियों सुधेश पांडे, महेंद्र वर्मा, संजीव रजक, डॉ. फर्रुख हसन, बबीता वर्मा, अंकिता शुक्ला आदि के साथ मिलकर की थी I जिसका उद्देश्य टीचर्स सेल्फ केयर टीम से जुड़े दिवंगत शिक्षक के परिवार की न्यूनतम धनराशि से अधिकतम मदद करना था I आज उत्तर प्रदेश के लगभग 3 लाख 25 हजार शिक्षक टीचर्स सेल्फ केयर टीम से जुड़े हुए हैं।

सीधे दिवंगत शिक्षक के बैंक खाते में जाती है धनराशि मुजफ्फरनगर में कार्यरत प्रदेश संगठन मंत्री और प्रदेश कोर टीम के सदस्य डॉ. फर्रुख हसन ने बताया कि टीचर्स सेल्फ केयर टीम निस्वार्थ सेवा और पारदर्शी व्यव्स्था की भावना से कार्य करती है I पूरे प्रदेश से शिक्षक सीधे दिवंगत शिक्षक के परिवार के बैंक खाते में 10 दिन तक पैसा भेजते है I जिससे परिवार को संकट के समय मे 55 से साठ लाख की मदद मात्र 10 दिन मे हो जाती है I उन्होंने बताया कि टीचर्स सेल्फ केयर टीम का लक्ष्य मात्र 10 रुपये से दिवंगत शिक्षक के परिवार को 1 करोड़ की सहायता करने का है। डॉ. फर्रुख हसन ने बताया कि स्व. सुनील कुमार ने अपने मकान बनवाने के लिए बैंक से लोन ले रखा था I जो कि लगभग 12 लाख रुपये का था I टीचर्स सेल्फ केयर टीम ने इस सहयोग राशि से बैंक में लोन की रक़म जमा कराकर स्व. सुनील कुमार के बच्चों आयुष और प्रियांशी को उनके मकान के कागजात सौंप दिए हैं I स्व सुनील कुमार की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है I
जुलाई में होगी इस शिक्षक के परिवार की मदद: आगामी माह जुलाई में मुजफ्फरनगर के एक और दिवंगत शिक्षक स्व. मोहम्मद शोएब के परिवार का सहयोग किया जाएगा जिनका निधन जनवरी माह में एक सड़क दुर्घटना में हो गया था I उनके परिवार को भी 55 से साठ लाख का सहयोग किया जाएगा I डॉ. फर्रुख हसन ने टीचर्स सेल्फ केयर टीम के अध्यक्ष विवेकानंद और प्रदेश के सभी शिक्षकों का आभार प्रकट किया तो, जिनके सहयोग से मात्र दस दिन में दुखी परिवार की रिकॉर्ड धनराशि से सहायता की जाती है I ये मानवतावा का ऐसा अनूठा कार्य है जिसका कोई दूसरा उदाहरण नहीं है I
