
टक्कर इतनी भीषण की 8 फीट तक पिचक गई बस, ड्राइवर नहीं, कंडक्टर चला रहा था गाड़ी
लोकपथ लाइव, मथुरा: यमुना एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार और लापरवाही का एक और खौफनाक मंजर देखने को मिला है। यहाँ एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस आगे चल रहे एक भारी ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा करीब 8 फीट तक मलबे में तब्दील हो गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 4 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 27 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद एसएसपी ने जो खुलासा किया, उसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं।


लोहे के जाल की तरह पिचक गई बस
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा देर रात (या तड़के) उस समय हुआ जब एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियां अपनी रफ्तार में थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक निजी ट्रैवल कंपनी की डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर आगे जा रहे ट्रेलर में समा गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक सन्नाटा टूट गया। बस का केबिन और आगे की सीटें करीब 8 फीट पीछे तक दब गईं, जिससे आगे बैठे यात्री अंदर ही बुरी तरह फंस गए। चारों तरफ सिर्फ खून और चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं।

ड्राइवर सो रहा था, कंडक्टर के हाथ में थी स्टेयरिंग
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और भारी पुलिस बल राहत व बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे। हादसे की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के बाद एसएसपी ने एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर खुलासा किया। शुरुआती तफ्तीश और साक्ष्यों से साफ हुआ है कि हादसे के वक्त मुख्य ड्राइवर बस नहीं चला रहा था, बल्कि वह केबिन में सो रहा था। बस की स्टेयरिंग कंडक्टर के हाथ में थी, जिसे इतनी भारी गाड़ी और एक्सप्रेस-वे पर स्पीड का अंदाजा नहीं था। इसी लापरवाही के कारण यह भीषण हादसा हुआ है।
क्रेन और कटर से काटकर निकाले गए शव
हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे की रेस्क्यू टीम और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। बस के परखच्चे उड़ने के कारण शवों और घायलों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने क्रेन और कटर की मदद से बस की बॉडी को कटवाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला।
मृतक: हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जिनकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
घायल: 27 घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल और आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज व अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 5 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
परिवहन नियमों की सरेआम उड़ी धज्जियां
इस हादसे ने एक बार फिर निजी ट्रैवल ऑपरेटरों की मनमानी और यात्रियों की सुरक्षा के साथ होने वाले खिलवाड़ को उजागर कर दिया है। एक्सप्रेस-वे पर लंबे रूट की बसों में दो ड्राइवरों का होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ मुख्य ड्राइवर की जगह बिना लाइसेंस या बिना भारी वाहन अनुभव वाले कंडक्टर को स्टेयरिंग सौंप दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार बस स्टाफ व वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।











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