
पति, सास-ससुर, जेठ और ननद-दामाद के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज
लोकपथ लाइव, बिजनौर: पश्चिम उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बिजनौर के हीमपुर दीपा पुलिस थाने में मुजफ्फरनगर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत उनके परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, गंभीर मारपीट और 25 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने के आरोपों के तहत बिजनौर जनपद में मुकदमा दर्ज किया गया है।


यह कानूनी कार्रवाई पीड़ित महिला स्वाति (पत्नी सत्यजीत) की तहरीर पर बिजनौर के थाना हीमपुर दीपा में की गई है।इस हाई-प्रोफाइल मामले में भाजपा के कद्दावर नेता का नाम शामिल होने के बाद से ही मुजफ्फरनगर और बिजनौर ही नहीं, बल्कि पश्चिम यूपी के राजनीतिक व सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कर दी हैं।

क्या है मामला
बिजनौर के हीमपुर दीपा पुलिस में दर्ज इस मुकदमें के मुताबिक साल 2019 में यह शादी हुई थी, जिसमें 50 लाख खर्च करने के बाद भी दहेज मांगने का सिलसिला नहीं थमा, तो पीड़िता स्वाति (पुत्री योगेंद्र सिंह, निवासी ग्राम गदनपुरा, बिजनौर) ने पुलिस को देकर मामला दर्ज कराया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 12 दिसंबर 2019 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सत्यजीत (निवासी थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर) के साथ संपन्न हुई थी। स्वाति के पिता ने अपनी हैसियत और सामर्थ्य से बढ़कर शादी में करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोग दिए गए दान-दहेज से असंतुष्ट नजर आने लगे और पीड़िता का शारीरिक व मानसिक रूप से उत्पीड़न शुरू कर दिया गया।
बीमारी में उपेक्षा और मार्च 2026 में 25 लाख की नई मांग
पीड़िता ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में जब वह गंभीर रूप से बीमार हुई, तब ससुराल वालों ने उसका उचित इलाज कराने के बजाय उसे मायके भेज दिया। बीमारी के दौर में भी उसे सहयोग के स्थान पर भारी उपेक्षा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। मामला तब और बिगड़ गया जब मार्च 2026 में ससुराल पक्ष ने अचानक 25 लाख रुपये की नई मांग रख दी। दबाव बढ़ता देख पीड़िता के पिता ने एक चेक भी दिया, लेकिन आरोपी इतने पर भी शांत नहीं हुए और अतिरिक्त नकदी के लिए लगातार मानसिक दबाव बनाते रहे। रकम पूरी न होने पर स्वाति को ससुराल में रखने से साफ मना कर दिया गया।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप
पुलिस में दी गई तहरीर के अनुसार, बीती 19 जून 2026 को स्वाति को एक सोची-समझी रणनीति के तहत बहाने से उसकी ससुराल (मुजफ्फरनगर) बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहुंचते ही पति सत्यजीत और अन्य परिजनों ने उसे घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए उसके साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता का कहना है कि जब उसने शोर मचाया, तो आस-पड़ोस के लोग मौके पर जुट गए, जिसके कारण बमुश्किल उसकी जान बच सकी।
नामजद आरोपियों की सूची, कानूनी धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के कुल छह लोगों को नामजद किया है। इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा (ससुर), सत्यजीत (पति), कमलेश (सास), सचिन (जेठ), प्रेरणा (ननद), सौरभ (दामाद) शामिल हैं। बिजनौर के हीमपुर दीपा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मुकदमें में धारा 85 / 115[2], दहेज उत्पीड़न और स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, धारा 352 / 351[3] शांति भंग करने के इरादे से अपमान और आपराधिक धमकीदहेज अधिनियम 3/4दहेज की मांग करना और लेन-देन को बढ़ावा देना जैसी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस की जांच शुरु
हीमपुर दीपा थाना पुलिस के आधिकारिक बयान के भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत छह लोगों पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उपलब्ध साक्ष्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, इस पूरे मामले पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अथवा उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।











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