
लोकपथ लाइव, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (Early Childhood Education) को और अधिक व्यवस्थित और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में संचालित बालवाटिकाओं और को-लोकेटेड (सह-स्थित) आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का विद्यार्थीवार विवरण अब डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने राज्य के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बालवाटिकाओं में नामांकित बच्चों का शत-प्रतिशत डेटा यू-डायस प्लस पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कराया जाए। इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए 15 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
यू-डायस प्लस पोर्टल के स्टूडेंट मॉड्यूल में होगी एंट्री
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशों के अनुपालन में, यू-डायस प्लस पोर्टल के स्टूडेंट मॉड्यूल के सेक्शन-4 (स्टूडेंट डिटेल्स) में इन बच्चों का विवरण दर्ज किया जाएगा। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि डेटा एंट्री के दौरान पूरी सावधानी बरती जाए और किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए विवरण का विधिवत सत्यापन किया जाए। साथ ही, विकासखंडवार नियमित समीक्षा कर गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय आंकड़े सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
सरकार की प्रतिबद्धता और मंत्रियों के बयान
इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि “बालवाटिका के बच्चों का व्यवस्थित डेटा प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर योजना बनाने और बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को समझने में सहायक होगा। सरकार गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने भी स्पष्ट किया कि सभी जिलों को समन्वय स्थापित कर तयशुदा 15 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर शिक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा सके।
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