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उत्तराखंड समेत चार राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति: राष्ट्रपति ने छह राज्यों में की राज्यपालों की नियुक्ति

केरलम में ओम प्रकाश माथुर व तमिलनाडु में राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को मिली कमान
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और स्थानांतरण की घोषणा की है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इस प्रशासनिक फेरबदल में दो मौजूदा राज्यपालों को दूसरे राज्यों में भेजा गया है, जबकि चार नए चेहरों को राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओम प्रकाश माथुर को केरलम, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, ब्रज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

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राष्ट्रपति भवन के अनुसार, सभी नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के अपने-अपने पदों का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी। इस फेरबदल से छह राज्यों में राज्यपालों की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक विज्ञप्ति में छह नियुक्तियों का उल्लेख किया गया है। इनके तहत दो राज्यपालों का स्थानांतरण हुआ है और चार लोगों को पहली बार राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केरलम: ओम प्रकाश माथुर
तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
ओडिशा: ब्रज मोहन राम
कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव
उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन
सिक्किम: दुष्यंत गौतम

ओम प्रकाश माथुर को केरलम की जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान से पूर्व राज्यसभा सांसद ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम से स्थानांतरित कर केरलम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने जुलाई 2024 में सिक्किम के राज्यपाल का कार्यभार संभाला था। माथुर लंबे समय तक भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों पर काम कर चुके हैं। अब उन्हें केरलम में राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी होगी। उनके स्थानांतरण के बाद सिक्किम में दुष्यंत गौतम को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर अब तमिलनाडु के पूर्णकालिक राज्यपाल
केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल के कार्यों का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। मार्च 2026 में आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद आर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल के कार्यों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी दी गई थी।ताजा नियुक्ति के साथ अब उन्हें तमिलनाडु के नियमित राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आर्लेकर इससे पहले गोवा विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वह हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उनका तमिलनाडु स्थानांतरण और ओम प्रकाश माथुर की केरलम में नियुक्ति इस फेरबदल के दो प्रमुख बदलाव हैं।

ब्रज मोहन राम ओडिशा के नए राज्यपाल
झारखंड के वरिष्ठ नेता और पलामू से पूर्व लोकसभा सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह हरि बाबू कंभमपति का स्थान लेंगे, जिन्होंने जनवरी 2025 में ओडिशा के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। ब्रज मोहन राम का नाम नई नियुक्तियों में शामिल चार नए चेहरों में है। राज्यपाल के पद पर उनकी नियुक्ति के बाद ओडिशा में संवैधानिक पद की जिम्मेदारी में बदलाव होगा। राज्यपाल का पद राज्य की संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण होता है। राज्यपाल संविधान के प्रावधानों के अनुसार कार्य करते हैं और राज्य की विधायी तथा प्रशासनिक प्रक्रिया में निर्धारित भूमिका निभाते हैं।

डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया
डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। इसके अलावा वह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व सदस्य भी रही हैं और भाजपा के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। सुधा यादव थावरचंद गहलोत का स्थान लेंगी। उनकी नियुक्ति के साथ कर्नाटक में राज्यपाल की जिम्मेदारी में बदलाव होगा। सुधा यादव की राजनीतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि के कारण यह नियुक्ति प्रमुखता से चर्चा में है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति में उनके पूर्व पदों के अतिरिक्त कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। उनकी नियुक्ति भी कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन उत्तराखंड के नए राज्यपाल
मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे। बिसेन मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और बालाघाट संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब उन्हें उत्तराखंड में राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी होगी। उत्तराखंड में राज्यपाल का पद राज्य की संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई नियुक्ति के बाद राज्य में इस पद पर जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति में बदलाव होगा। बिसेन के कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से उनकी नियुक्ति प्रभावी होगी।

दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह ओम प्रकाश माथुर का स्थान लेंगे, जिन्हें केरलम भेजा गया है। दुष्यंत गौतम भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। अब उन्हें सिक्किम में राज्यपाल का संवैधानिक पद सौंपा गया है। उनकी नियुक्ति के साथ सिक्किम में भी राज्यपाल की जिम्मेदारी बदल जाएगी। इस फेरबदल में सिक्किम की नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां के मौजूदा राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया गया है और उनके स्थान पर नए राज्यपाल की नियुक्ति की गई है।

चार राज्यों में नए चेहरे, दो राज्यपालों का स्थानांतरण
राष्ट्रपति की घोषणा में छह राज्यों के लिए कुल छह नियुक्तियां शामिल हैं। इनमें ओम प्रकाश माथुर और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का स्थानांतरण है, जबकि ब्रज मोहन राम, डॉ. सुधा यादव, डॉ. ढाल सिंह बिसेन और दुष्यंत गौतम को नए राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया है। इस तरह के फेरबदल में राज्यपालों की नियुक्ति और स्थानांतरण संवैधानिक प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं। राज्यपाल राष्ट्रपति के नाम पर पद धारण करते हैं और संविधान के अनुसार राज्य में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति में हरि बाबू कंभमपति, थावरचंद गहलोत और गुरमीत सिंह के लिए किसी नई जिम्मेदारी की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए उनके भविष्य के पदों या नई नियुक्तियों के संबंध में फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी नियुक्तियां
राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सभी छह नियुक्तियां उस तारीख से प्रभावी होंगी, जिस दिन संबंधित व्यक्ति अपने-अपने पद का कार्यभार संभालेंगे। नियुक्ति की घोषणा और वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने की तारीख अलग हो सकती है। इस घोषणा के साथ केरलम, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम में राज्यपालों की जिम्मेदारियों में बदलाव तय हो गया है। अब संबंधित राज्यपालों के कार्यभार संभालने के साथ नई व्यवस्था प्रभावी होगी।

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