
मुजफ्फरनगर/लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मुजफ्फरनगर-हरिद्वार रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के लिए एएआर/डीपीआर तैयार कराने को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मंगलवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आधुनिक और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर-हरिद्वार RRTS कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति देने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
उन्होंने बताया कि परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। इससे व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक पर्यटन तथा रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ घरेलू और विदेशी निवेश को भी आकर्षित करेगी। उन्होंने कहा कि RRTS जैसी आधुनिक सेमी हाईस्पीड परिवहन परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास को नई ऊर्जा देने के साथ आम नागरिकों के जीवन को भी आसान बना रही हैं।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुजफ्फरनगर-हरिद्वार RRTS कॉरिडोर लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रहा है। परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिलना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
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