
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में सोमवार को चकबंदी विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित चकबंदी कार्यालय पर धावा बोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक मशीनरी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के संगीन आरोप लगाए। धरने की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
धरना स्थल पर मौजूद भाकियू नेताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि चकबंदी विभाग के अधिकारी पूरी तरह से निरंकुश और मनमानी पर उतारू हो चुके हैं। सीधे-साधे किसानों की जमीनों की पैमाइश और चक आवंटन में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सुविधा शुल्क (रिश्वत) लिए दफ्तर में कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती और विरोध करने वाले किसानों को प्रताड़ित किया जाता है। भाकियू ने साफ किया कि जब तक आरोपी अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच नहीं बैठती और दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक किसान कार्यालय परिसर से नहीं हटेंगे। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद किसानों की भारी भीड़ के चलते कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान योगेश शर्मा, विकास शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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