
सदन के भीतर काले लिबास में पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट मुद्दे पर की नारेबाजी्
लोकपथ लाइव, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन ही सियासत गर्माती नजर आई। जब कांग्रेस के विधायक प्रतिपक्ष नेता भूपेन्द्र हुड्डा समेत काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट मुद्दे को लेकर पर जमकर हंगामा काटा। सदन के भीतर और बाहर भारी हंगामे के दौरान धक्का मुक्की होने का भी आरोप है। इस हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कांग्रेस के 8 विधायकों को पूरे सत्र की कार्रवाई से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया। निलंबित किए जाने के बाद मार्शलों ने सभी 8 विधायकों को जबरन सदन से बाहर कर दिया।


सदन के भीतर कांग्रेसी विधायको ने जमकर काटा हंगामा
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को कांग्रेस के हंगामे के साथ हुई, जहां कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे थे, जिन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट मुद्दे को लेकर सदन में मुख्यमंत्री नायब सैनी के भाषण के दौरान जमकर हंगामा काटा। सदन की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर तख्तियों और नारेबाजी के साथ हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान विपक्ष के विधायकों के साथ सुरक्षा कर्मियों की धक्का मुक्की भी हुई, जिसके कारण यह विवाद ज्यादा गरमा गया। इसके कारण सदन की कार्यवाही को बारी बारी से दो बार स्थगित करना पड़ा। वहीं कांग्रेस विधायकों ने काले कपडे पहनकर विधानसभा परिसर में भी मार्च निकाला, जहां विधायकों के प्रदर्शन को रोकने के लिए कई जगह बैरिकइटिंग की गई थी। आरोप है कि कांग्रेस विधायकों के साथ पुलिस की तीखी झडपे हुई ,जहां कांग्रेस ने बल प्रयोग करने का भी आरोप लगाया, जिसमें कई विधायक चोटिल भी हुए। संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा और सत्ता पक्ष के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों ने कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और बेकाबू हो गए।

मुख्यमंत्री ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
विधानसभा में हुए इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर सदन को गुमराह करने और गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने स्पीकर को सुझाव दिया कि वे अपने चेंबर में कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों के विधायकों को बुलाएं और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराएं। वीडियो में जो भी सच सामने आए, उसके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाए।इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा शोक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया, लेकिन प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा फिर से बढ़ गया। इस पर विधानसभा स्पीकर ने कहा कि वह मामले की पूरी जानकारी लेंगे और वीडियो निकलवाएंगे। उन्होंने कांग्रेस विधायकों से कहा कि आप चेंबर में आइये, सारे मामले को पर्सनली देखूंगा। स्पीकर बोले कि मुझे प्राप्त जानकारी में सामने आया है कि आप कुछ लिखी हुई तख्ती लेकर अंदर आ रहे थे और इसके चलते आपको रोका गया।
पूर्व सीएम हुड्डा ने सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विधायकों के साथ धक्का-मुक्की और बल प्रयोग किया, जिससे कई विधायकों को चोटें आई हैं। हुड्डा ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल करते हुए कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोप जून 2026 के शुरुआत में सामने आए, 13 जून को एसआईअी बनी, 23 जून को रिपोर्ट आई लेकिन एफआईआर 25 जून को दर्ज हुई। इतने दिनों की देरी से सबूतों के साथ छेड़छाड़ का जोखिम क्यों उठाया गया?
वहीं उन्होंने गिनती प्रक्रिया में फ्रिस्किंग, पॉकेटलेस कपड़े और 180 दिन की अनिवार्य सीसीटीवी ंनेफुटेज (जो सिर्फ 45 दिन रखी गई) जैसी अनिवार्य एसओपी का पालन क्यों नहीं हुआ? जिम्मेदार आला अधिकारियों को क्लीन चिट देकर सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों की जा रही है? इसी प्रकार देश भर में 152 और हरियाणा में 30 से अधिक पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर सवालिया निशान उठाया











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