
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन की जारी कवायद के बीच प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का भारी असंतुलन सामने आया है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी सरप्लस शिक्षकों की अनंतिम सूची के अनुसार, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भाषा और सामाजिक विज्ञान जैसे मौलिक विषयों के लगभग 80 प्रतिशत पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इसके विपरीत गणित और विज्ञान विषयों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष मानक से अधिक शिक्षक तैनात पाए गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग मुजफ्फरनगर के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले भाषा विषय में 152 और सामाजिक विज्ञान में 177 यानी कुल 329 विषय विशेषज्ञ अध्यापकों की भारी कमी है। दूसरी ओर, विज्ञान एवं गणित विषय में स्वीकृत पदों की तुलना में लगभग 208 अध्यापक सरप्लस (अतिरिक्त) पाए गए हैं। इस असंतुलन का सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। समायोजन से पूर्व शिक्षकों से मांगी गई आपत्तियों के संबंध में लिपिक निलेश पंवार ने बताया कि अब तक 300 से अधिक आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं, जिन्हें निस्तारण हेतु आगे भेज दिया गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ बघरा के ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पेंद्र चौधरी ने बताया कि रिक्त पदों को भरने और पदोन्नति की मांग को लेकर 2017 में न्यायालय में याचिका भी दायर की जा चुकी है।
इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संदीप कुमार ने बताया कि जिले में सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी कर आपत्तियां प्राप्त की गई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि भाषा व सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों की कमी है और विज्ञान के शिक्षक अधिक हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है ताकि नियमानुसार समायोजन के जरिए इन रिक्त पदों को भरा जा सके।
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