
सपा के बागी मनोज पांडेय और भूपेंद्र चौधरी बने कैबिनेट का हिस्सा, सामाजिक संतुलन पर सरकार का दांव
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए छह नए चेहरों को शामिल किया है। राजभवन के गांधी सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में भाजपा ने ब्राह्मण, ओबीसी, दलित और महिला समीकरणों को एक साथ साधने की पुरजोर कोशिश की है।


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी कैबिनेट का रविवार (10 मई) को आखिरकार दूसरा विस्तार हो गया। मंत्रिमंडल विस्तार में छह नए चेहरों को योगी कैबिनेट में शामिल किया गया है। जबकि दो मौजूदा मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है। समाजवादी पार्टी (SP) से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय को मंत्री बनाया गया है। फिलहाल, उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिलाकर कुल 54 मंत्री हैं। आज हुए विस्तार के बाद अब मंत्रियों की संख्या 60 हो गई है। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं।

नए चेहरों में अनुभव और युवा जोश का संगम
कैबिनेट में शामिल होने वाले नए नामों में भूपेंद्र सिंह चौधरी (जाट चेहरा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष) और सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय (ब्राह्मण चेहरा) प्रमुख हैं। इसके अलावा दलित वर्ग से कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को जगह दी गई है। वाराणसी के हंसराज विश्वकर्मा को भी मंत्री बनाया गया है, जो पिछड़े वर्ग के बड़े नेता माने जाते हैं।
योगी कैबिनेट विस्तार में इन्होने ली शपथ
भूपेंद्र चौधरी: कैबिनेट मंत्री
मनोज पांडेय: कैबिनेट मंत्री
कृष्णा पासवान: कैबिनेट मंत्री
हंसराज विश्वकर्मा: कैबिनेट मंत्री
कैलाश सिंह राजपूत: कैबिनेट मंत्री
सुरेंद्र दिलेर: कैबिनेट मंत्री
इनके बढ़े कद
इसके साथ ही, अजीत पाल और कृष्ण पाल को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सोमेंद्र तोमर के कद में भी बढ़ोतरी की गई है।
‘इंडी गठबंधन’ और ईवीएम पर बरसे नरेंद्र कश्यप
कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी की एक नेक पहल है। हम ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रहे हैं। कश्यप ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहे हैं, जबकि जनता उन्हें और उनके गठबंधन को नकार चुकी है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का ‘मास्टरस्ट्रोक’
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विस्तार आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है। सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा के जरिए भाजपा ने पिछड़ों और दलितों को बड़ा संदेश दिया है। कृष्णा पासवान को मंत्री पद देकर महिला मतदाताओं के बीच पैठ मजबूत करने की कोशिश है। मनोज पांडेय और कैलाश राजपूत को शामिल कर सपा के परंपरागत वोट बैंक को चुनौती दी गई है।
अब पूरी हुई ‘टीम योगी’
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, यूपी कैबिनेट में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं। आज के विस्तार के बाद अब मंत्रियों की संख्या 60 पहुंच गई है। सूत्रों की मानें तो शपथ ग्रहण के बाद अब अगले 24 घंटों में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा या फेरबदल भी किया जा सकता है।












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