
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। मीरापुर और सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँवों में पेपर मिलों व अन्य इकाइयों द्वारा फैलाए जा रहे जानलेवा प्रदूषण को लेकर क्षेत्रीय विधायक मिथलेश पाल ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायक मिथलेश पाल ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि शुकतीर्थ मार्ग स्थित पेपर मिलें नियमों की धज्जियां उड़ाकर ग्रामीणों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
मीरापुर विधायक मिथलेश पाल ने अपने पत्र में मखियाली, चाँदपुर, भण्डूरा और बाखरनगर सहित आधा दर्जन गाँवों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मिलों से निकलने वाले बिना शोधित (Un-treated) रसायन युक्त पानी ने क्षेत्र के भूजल को ‘धीमा जहर’ बना दिया है। इस जहरीले पानी के सेवन से ग्रामीण कैंसर, टीबी और निमोनिया जैसी लाइलाज व गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मिलों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
स्वास्थ्य टीम की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता: विधायक मिथलेश पाल ने बताया कि ग्रामीणों के आक्रोश के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा 13 मई 2026 को लगाए गए कैंप की रिपोर्ट डराने वाली है। जांच में कैंसर और टीबी के पुष्ट रोगी मिलने से हड़कंप मच गया है। विधायक ने पत्र में लिखा कि प्रदूषण विभाग के अधिकारी मिल मालिकों के साथ साठगांठ कर शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं, जिसकी सजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
अधिकारियों और मिल मालिकों पर सख्ती की भी मांग: मीरापुर विधायक मिथलेश पाल ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और जिलाधिकारी को भी पत्र की प्रति भेजकर मांग की है कि दोषी मिलों को तुरंत सील किया जाए और उन अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हो जिन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर इस तबाही को होने दिया। विधायक के इस पत्र के बाद अब शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई की हलचल तेज हो गई है।
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