
इंडो-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध में किसान घाट पर था कार्यक्रम
सरकार को ज्ञापन भेजने के आश्वासन पर शांत हुआ मामला
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: इंडो-अमेरिका ट्रेड डील (भारत-अमेरिका व्यापार समझौते) के खिलाफ दिल्ली स्थित किसान घाट पर प्रदर्शन करने जा रहे भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम को मुजफ्फरनगर पुलिस ने शहर में ही रोक लिया। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से आक्रोशित संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों ने नुमाइश कैंप गेट पर ही धरना देकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


किसानों के आक्रोश के कारण स्थिति को बढ़ता देख मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से वार्ता की और ज्ञापन को शासन तक पहुंचाने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ही किसान शांत हुए और धरना स
माप्त हुआ।

नुमाइश कैंप गेट पर घेराबंदी, दिल्ली कूच रोका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने भारत और अमेरिका के बीच हो रहे व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) के प्रावधानों को किसान विरोधी बताते हुए मंगलवार को दिल्ली के किसान घाट पर विरोध प्रदर्शन और महापंचायत का आह्वान किया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम के नेतृत्व में दर्जनों गाड़ियों का काफिला जैसे ही मुजफ्फरनगर के नुमाइश कैंप गेट के समीप पहुंचा, पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर किसान नेता और उनके समर्थक उग्र हो गए और उन्होंने सड़क पर ही दरी बिछाकर धरना देना शुरू कर दिया।
‘किसानों के अधिकारों से समझौता मंजूर नहीं’
धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम ने कहा कि इंडो-अमेरिका ट्रेड डील से देश के कृषि क्षेत्र और स्थानीय किसानों को भारी नुकसान पहुंचेगा। विदेशी कंपनियों के दबाव में तैयार की जा रही नीतियां भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने दिल्ली किसान घाट जा रहे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने से रोक दिया।
अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान नेताओं को समझाया कि कानून-व्यवस्था और यातायात सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। काफी देर चली बातचीत के बाद अधिकारियों ने किसानों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र (ज्ञापन) को केंद्र व राज्य सरकार तक तत्काल भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अपना धरना समाप्त किया और चेतावनी दी कि यदि ट्रेड डील पर किसानों की मांगों को अनदेखा किया गया, तो आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।











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