
लोकपथ लाइव, लखनऊ। देश विरोधी गतिविधियों और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के तहत यूपी एटीएस ने अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े एक और संदिग्ध आतंकी को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है। तमिलनाडु एटीएस के सहयोग से पकड़े गए आरोपी की पहचान 19 वर्षीय मकसूद अली के रूप में हुई है। एटीएस के मुताबिक, मकसूद मूल रूप से सिद्धार्थनगर जिले के बांसी थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव का रहने वाला है और वर्तमान में कोयंबटूर में रह रहा था। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाकर संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है, जहां आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


एटीएस के अनुसार, इसी मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे मोहम्मद नबील को 12 सितंबर को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। जांच में मकसूद के सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़ने और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने के प्रयास की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि वह युवाओं को मुजाहिद बनने तथा धन जुटाने और आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण लेने की योजना से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।

जांच के दौरान मकसूद के पाकिस्तान में मौजूद संदिग्ध हैंडलरों के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है। एटीएस के मुताबिक, वह इन हैंडलरों के संपर्क में रहकर कथित तौर पर हैकिंग टूल तैयार कर रहा था। पूछताछ में मकसूद ने पायथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी ऑनलाइन संसाधनों, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से हासिल करने की बात बताई है।
एटीएस के अनुसार, मकसूद ने ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम का एक सिक्योर एप्लीकेशन भी तैयार किया था। इसका उद्देश्य एक प्लेटफॉर्म के माध्यम से गतिविधियों को संचालित करना बताया गया है। जांच में नबील, मकसूद और अन्य लोगों के बीच इस माध्यम से संपर्क होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा आरोपी से जुड़े व्हाट्सऐप ग्रुपों की भी जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है, जिनमें ‘यूयू एंट्री गेट’, ‘यूनाइटेड उम्माह’, ‘गजवा-ए-हिंद’, ‘टीम ब्लैक हैट’ और ‘लश्कर-ए-महंदी’ जैसे समूह शामिल बताए गए हैं। एटीएस का दावा है कि इन ग्रुपों में पाकिस्तानी नंबरों वाले संदिग्धों और अन्य पाकिस्तानी हैकरों की मौजूदगी थी तथा इनके जरिए कट्टरपंथी एवं जिहादी विचारधारा से संबंधित सामग्री का प्रचार किया जा रहा था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, मकसूद अली मोहम्मद नबील द्वारा बनाए गए ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नामक व्हाट्सऐप ग्रुप से भी जुड़ा था। इस ग्रुप में प्रतिबंधित आतंकी संगठन AQIS से संबंधित साहित्य और बम बनाने से जुड़े वीडियो साझा किए जाने की जानकारी सामने आई है। एटीएस अब आरोपी के संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों, कथित विदेशी कनेक्शन और मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।












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