
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं और आमजन को मिलावट रहित व शुद्ध खाद्य-पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आयुक्त व जिलाधिकारी के आदेशानुसार और सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय अर्चना धीरान के निर्देशन में गुरुवार को विभाग द्वारा समस्त कांवड़ मार्गों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगा दी गई है।
विभाग की टीम ने आज सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए कांवड़ मार्गों पर स्थित समस्त ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंटों, ठेलों, रेहड़ी-फेरीवालों और फल विक्रेताओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी प्रतिष्ठानों के दृश्य स्थानों पर फूड लाइसेंस व पंजीकरण अनिवार्य रूप से चस्पा कराए गए। इसके साथ ही, ग्राहकों की सहूलियत के लिए ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ (Food Safety Connect App) के पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। इस पोस्टर पर विभाग का टोल-फ्री नंबर और क्यूआर कोड अंकित है, जिसे स्कैन करके उपभोक्ता सीधे प्रतिष्ठान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और किसी भी गड़बड़ी पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दुकानदारों को स्वच्छता (सेनिटेशन व हाइजीन) बनाए रखने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता न करने के कड़े निर्देश दिए। टीम ने भोजन में कृत्रिम रंगों व खुले मसालों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाते हुए केवल बंद पैकेट वाले मसालों और ताजी सब्जियों के प्रयोग की हिदायत दी। दुकानदारों को प्रेरित किया गया कि वे बासी भोजन न परोसें; एक समय का भोजन उसी समय तैयार कर वितरित करें और अगले समय के लिए हमेशा ताजा भोजन ही बनाएं। कटे व सड़े हुए फलों की बिक्री को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही टीम ने मार्ग पर मौजूद आम राहगीरों को भी जागरूक करते हुए रंगों वाले खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों के सेवन से परहेज करने की अपील की।
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