
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। यूपी के मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती का गुस्सा सरकारी कर्मचारियों पर निकालना चार लोगों को भारी पड़ गया। गांधी कॉलोनी बिजलीघर के जूनियर इंजीनियर (जेई) और लाइनमैन के साथ धक्का-मुक्की और उन्हें बंधक बनाने के मामले में नई मंडी कोतवाली पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लेकिन इस पूरी कानूनी कार्रवाई से ज्यादा चर्चा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के उस वीडियो की हो रही है, जिसने पावर कॉरपोरेशन के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में मंत्री अनिल कुमार का बेहद तीखा और चुभता हुआ अंदाज देखने को मिल रहा है। वह पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) विनोद कुमार को फोन पर सीधे और कड़े शब्दों में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।
मंत्री का यह तेवर अधिकारियों को चुभने वाला है, क्योंकि वीडियो में वह मुकदमा दर्ज होने पर अधिकारियों को देखने की बात कह रहे हैं, मंत्री अनिल कुमार साफ लहजे में अधिकारी को चेताया कि अगर इस मामले में विद्युत विभाग की तरफ से मुकदमा दर्ज हुआ, तो अंजाम ठीक नहीं होगा। हालांकि, बैकग्राउंड में यह भी चर्चा है कि दोपहर में मंत्री जी ने दोनों पक्षों को बुलाकर ‘समझौता’ कराने की कोशिश की थी, लेकिन जैसे ही उनकी नाराजगी और चेतावनी का वीडियो वायरल हुआ, विभाग तुरंत हरकत में आया और जेई रमनजीत की तहरीर पर आनन-फानन में मुकदमा ठोक दिया गया। अब मुख्य अभियंता विनोद कुमार यह कहते घूम रहे हैं कि “मंत्री जी का फोन तो आया था, लेकिन केस जेई ने किया है, वही वापस ले सकता है।”
क्या कहते है विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता
मुजफ्फरनगर के मुख्य अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार का फोन आया था, लेकिन मुकदमा जेई के द्वारा कराया गया है। जेई ही अपनी रिपोर्ट को वापस ले सकता है। अब देखना होगा कि मुकदमा दर्ज होने पर मंत्री अनिल कुमार का क्या रूख रहता है।
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