
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: जनपद में चल रहे जनगणना कार्य में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही शिक्षक-कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों और कर्मचारियों को मिलने वाले भोजन व नाश्ते की गुणवत्ता को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। माउंट लिट्रा जी स्कूल और एसडी इंटर कालेज में बनाए गए प्रशिक्षण केंद्रों पर शिक्षकों को अधूरा नाश्ता मिला। चिलचिलाती गर्मी में प्रशिक्षण लेने आए शिक्षकों को दोपहर के समय भोजन तक उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे वे भूखे पेट ही ट्रेनिंग लेने को मजबूर हुए।


अधिकारियों की व्यवस्था पर उठे सवाल: जनगणना कार्य का प्रशिक्षण एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर भी व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षक हैं। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि माउंट लिट्रा स्कूल में नाममात्र का नाश्ता देकर खानापूर्ति कर दी गई। कई स्थानों पर शाम के 4 बजे तक बासी भोजन के पैकेट पहुंचने की सूचना मिली, जिससे कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।


सोशल मीडिया पर खुली पोल: प्रशासन की इस लचर व्यवस्था की गूंज अब सोशल मीडिया के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में भी सुनाई दे रही है, जहाँ शिक्षक व कर्मचारी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी राहुल कुशवाहा व अन्य शिक्षकों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लगे कर्मियों के साथ ऐसा व्यवहार अशोभनीय है।
डीएम को भेजी गई शिकायत: शिक्षक संघ ने इस अव्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को ऑनलाइन माध्यम से पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा इस प्रशिक्षण कार्य के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाती है, जिसका पारदर्शी उपयोग होना अनिवार्य है। यदि भविष्य में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो शिक्षक अपने स्तर पर विरोध करने को बाध्य होंगे।












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