
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर रविवार को भाजपा महिला मोर्चा ने मुजफ्फरनगर की सड़कों पर उतरकर नारी शक्ति का उद्घोष किया। ईदगाह के सामने प्रेमपुरी चौराहे पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक के आवास के पास आयोजित ‘जन-जागरूकता एवं जन-आक्रोश’ कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया, वहीं कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ गठबंधन के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी दलों को महिला विरोधी करार देते हुए उनके द्वारा महिला आरक्षण की राह में रोड़े अटकाने की कड़ी निंदा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा, “आज देश की मातृशक्ति जाग चुकी है। कांग्रेस और सपा जैसे दलों ने हमेशा महिला हितों की अनदेखी की है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर इन दलों ने अपनी महिला विरोधी मानसिकता को सार्वजनिक कर दिया है, जिसका जवाब अब महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से देंगी।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कविता सैनी ने की। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को नेतृत्व सौंपने में विश्वास रखती है, जबकि अन्य दल उन्हें केवल वोट बैंक समझते हैं। धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाएं हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी कर रही थीं। जिला उपाध्यक्ष स्वेता कौशिक ने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि आज महिलाएं अपने अधिकारों को प्राप्त करें, जिसके लिए वह आगे आए। यहां धरने में महिला शक्ति ने आगे आकर विपक्ष की सोच को भी नीचे गिराने का काम किया है। जिला महामंत्री विमल चौहान के कुशल संचालन में हुए इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर, श्वेता कौशिक, अंजली चौधरी और जोगेंद्र गुर्जर सहित सैकड़ों पदाधिकारियों ने भाग लिया। अंत में महिलाओं ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा और नारी सम्मान के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प लिया।
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