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शिक्षा में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहे विद्यार्थी- डा. मृणालिनी अनंत

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के समावेश और छात्रों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। देहरादून में संचालित उत्कृष्टता केंद्रों (Center of Excellence – COE) की तर्ज पर स्कूल अब अपने विद्यार्थियों को उन्नत अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कौशल विकास के प्रति प्रेरित कर रहा है, ताकि वे भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

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तकनीकी नवाचार और शोध पर जोर

स्कूल प्रबंधन का मानना है कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। जिस तरह देहरादून के प्रमुख संस्थानों में डेटा साइंस और उच्च-स्तरीय कंप्यूटिंग सिस्टम के माध्यम से वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजा जा रहा है, उसी प्रकार एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल भी अपने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और ‘क्रिटिकल थिंकिंग’ की ओर अग्रसर कर रहा है। स्कूल की आधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन छात्रों को नए विचारों और नवाचारों को धरातल पर उतारने में मदद कर रहे हैं।

कौशल विकास और भविष्य की तैयारी

उत्कृष्टता केंद्रों का मुख्य कार्य युवाओं को उद्योग के लिए तैयार करना है। इसी सोच को अपनाते हुए, स्कूल में समय-समय पर विशेष कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें तकनीकी विशेषज्ञता से लैस करना है। रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग और कोडिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में छात्रों की रुचि विकसित की जा रही है।

उद्यमिता और स्टार्टअप को प्रोत्साहन

एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल छात्रों के भीतर छिपे ‘उद्यमी’ को भी पहचान रहा है। उत्कृष्टता केंद्रों की भांति स्कूल में एक ऐसा वातावरण तैयार किया गया है जहाँ छात्र अपने मौलिक विचारों को प्रोटोटाइप और उत्पादों में बदल सकें। मेंटरशिप कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें बताया जा रहा है कि कैसे वे अपनी शिक्षा का उपयोग समाज की समस्याओं को हल करने में कर सकते हैं।

प्रधानाचार्य का संदेश: ” विद्यालय प्रधानाचार्य डा. मृणालिनी अनंत का मानना है कि हमारा लक्ष्य है कि हमारे छात्र केवल रोजगार पाने वाले न बनें, बल्कि वे भविष्य के निर्माता और समस्या समाधानकर्ता (Problem Solvers) बनें। देहरादून के उत्कृष्टता केंद्रों से प्रेरित होकर हम स्कूल में शोध और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे हमारे छात्र हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के योग्य बन सकें।”

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