
हाथ में संविधान लेकर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके
लोकपथ लाइव, लखनऊ: नीट (नीट) परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर के छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ईको गार्डन आज छात्रों और युवाओं के बड़े लोकतांत्रिक आंदोलन का मुख्य केंद्र बन गया। लखनऊ पुलिस प्रशासन द्वारा तमाम सुरक्षा समीक्षाओं और कड़ी शर्तों के बाद लिखित अनुमति मिलने पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले सैकड़ों छात्र सुबह से ही ईको गार्डन में जुटना शुरू हो गए थे।


प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के पहुंचने के बाद जैसे ही माहौल और गरमाने लगा, पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। सुरक्षा कारणों और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए पुलिस ने करीब 15 मिनट के भीतर ही पूरे प्रदर्शन स्थल को खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से शांतिपूर्वक हटा दिया। गनीमत रही कि पुलिस की त्वरित और सूझबूझ भरी कार्रवाई के चलते इस दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना या टकराव की स्थिति सामने नहीं आई। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार हो रहा यह खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह न्यायसंगत आंदोलन जारी रहेगा।

हाथ में संविधान लेकर अभिजीत दीपके
आंदोलनकारी छात्रों का हौसला बढ़ाने और इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके खुद विशेष रूप से लखनऊ पहुंचे। जैसे ही अभिजीत दीपके हाथ में भारत के संविधान की प्रति लेकर ईको गार्डन के मुख्य परिसर में दाखिल हुए, वहां मौजूद छात्रों ने गगनभेदी नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि युवाओं की आवाज को तानाशाही रवैये से दबाया नहीं जा सकता। शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। वह करीब 15 मिनट तक प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहे और रणनीति पर चर्चा की।
पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संभाला मोर्चा
ईको गार्डन में सुबह से ही उमड़ रही छात्रों की भारी भीड़ और खुफिया इनपुट को देखते हुए लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पूरे ईको गार्डन परिसर और उसके एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर भारी संख्या में स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को तैनात किया गया था। पुलिस के आला अधिकारी खुद मौके पर मुस्तैद रहकर पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।












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