
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद (लोनी)। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) सख्त रुख अपनाए हुए हैं। मंगलवार को लोनी क्षेत्र में संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदूषण फैला रही 34 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया। इसके अलावा मौके पर नियमों के विपरीत संचालित पाए गए दो जनरेटर (डीजी सेट) भी सील किए गए। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के उद्योगपतियों और अवैध फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया।
कृष्णा विहार और अमित विहार में पड़ी रेड
दिल्ली से आई CAQM और UPPCB की संयुक्त टीम ने लोनी के कृष्णा विहार फेस-1, फेस-2 और अमित विहार इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान लोनी तहसील के प्रशासनिक अधिकारी भी पुलिस और राजस्व टीम के साथ मुस्तैद रहे।
टीम ने पाया कि ये इकाइयां पर्यावरण मानकों को पूरी तरह ताक पर रखकर चलाई जा रही थीं। सील की गई इकाइयों में मुख्य रूप से कोयले से संचालित लोहा गलाने की इकाइयां ,एल्यूमीनियम रिसाइक्लिंग प्लांट, कोयला डिपो, प्लास्टिक स्क्रैप और प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां शामिल हैं।
पहले भी सील हुई थीं 25 इकाइयां
UPPCB के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक वृहद अभियान चलाया जा रहा है। मानकों के विपरीत संचालित किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने बताया, यह कार्रवाई CAQM के निर्देशों के तहत की गई है। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में 25 अवैध इकाइयों को सील किया जा चुका है। क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि अवैध रूप से धुआं और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां दोबारा शुरू न हो सकें।
सील से छेड़छाड पर होगी FIR
प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सीलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यदि किसी ने भी सील के साथ छेड़छाड़ करने या अनधिकृत रूप से दोबारा फैक्ट्री संचालित करने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में तत्काल FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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