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लोनी की हवा फिर जहरीली, प्रदूषण विभाग सुस्त, 347 एक्यूआई

लोकपथ लाइव, लोनी (गाजियाबाद):  गाजियाबाद जिले में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है, और इसमें भी लोनी की स्थिति सबसे भयावह बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार रविवार और साेमवार को लोनी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 347 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। लोनी के अलावा जिले के अन्य प्रमुख इलाके भी ‘अस्वास्थ्यकर’ (Unhealthy) हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।

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अवैध फैक्ट्रियों का जाल नहीं तोड़ पा रहा प्रशासन : लोनी में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से संचालित हो रही अवैध फैक्ट्रियां मानी जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रदूषण विभाग और जिम्मेदार अधिकारी केवल इक्का-दुक्का फैक्ट्रियों पर कार्रवाई कर खानापूरी कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि 150 से अधिक अवैध फैक्ट्रियां सील की जा चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर बिजली के कनेक्शन काटने में भी कोहताई बरती जा रही है। वहीं जिनके कनेक्शन कट रहे हैं, वे दोबारा से जुड़वा लेते है। प्रदूषण पर कार्रवाई का नेतृत्व कर रही नायब तहसीलदार भी कई फैक्ट्रियों पर अनदेखी कर रही है, जिस कारण क्षत्र में जहरीली हवा फिर से परेशानी का सबब बनने लगी है। कार्रवाई की कड़ी में अवैध फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन कट रहे हैं, लेकिन फिर से उन्हीं जगह कनेक्शन दूसरे नाम पर लिए जाने लगे हैं। कई जगह वहीं कनेक्शन ही फिर से जुड़ रहे हैं। यहीं कारण है कि  सील की गई फैक्ट्रियां भी कुछ समय बाद दोबारा चालू हो जाती हैं। जनता का साफ कहना है कि जब तक आवासीय क्षेत्रों से ये अवैध फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद नहीं की जातीं, लोनी की हवा में सुधार की उम्मीद बेमानी है।

सीपीसीबी के अनुसार AQI की स्थिति (26 अप्रैल 2026)

स्थान AQI मूल्य श्रेणी
लोनी 347 गंभीर (Severe)
गाजियाबाद 272 अस्वास्थ्यकर (Unhealthy)
वसुंधरा 270 अस्वास्थ्यकर (Unhealthy)
इंदिरापुरम 240 अस्वास्थ्यकर (Unhealthy)
संजय नगर 232 अस्वास्थ्यकर (Unhealthy)

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। समय-समय पर अवैध फैक्ट्रियों के न केवल बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को सील भी किया जा रहा है। सील खोलकर दोबारा संचालित होने वाली फैक्ट्रियों की निगरानी बढ़कर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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