
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के थाना सिविल लाइन के बाहर वरिष्ठ पत्रकार प्रवेश मलिक के साथ पुलिसकर्मी द्वारा की गई अभद्रता के विरोध में पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित पत्रकारों ने लामबंद होकर सिविल लाइन थाने के भीतर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पत्रकारों ने थाने में तैनात एसएसआई (वरिष्ठ उपनिरीक्षक) विकास कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल लाइन हाजिर करने की मांग की। थाने में पत्रकारों के धरने की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। वहीं पत्रकारों के साथ कई संगठन के पदाधिकारी भी धरने पर बैठ गए।
मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार प्रवेश मलिक सिविल लाइन थाने के ठीक सामने स्थित एक अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान थाने के बाहर गाड़ी खड़ी होने की बात को लेकर वहां मौजूद एसएसआई विकास कुमार ने पत्रकार के साथ बेहद अभद्र लहजे में बात की और बदसलूकी की। पुलिसकर्मी के इस अमानवीय व्यवहार की जानकारी मिलते ही जनपद के तमाम मीडियाकर्मी एकजुट होकर सिविल लाइन थाने पहुंच गए और परिसर में ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक एवं सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और एसपी सिटी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधि ने आक्रोशित पत्रकारों को शांत करने का प्रयास किया। काफी देर तक चले उच्च स्तरीय वार्तालाप और पत्रकारों के कड़े रुख को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी एसएसआई विकास कुमार के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है और पत्रकारों को आरोपी एसएसआई को लाइन हाजिर करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्रकारों ने अपना धरना समाप्त किया।
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