
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के शिक्षण संस्थानों में होली का पावन पर्व पारंपरिक श्रद्धा और आधुनिक उत्साह के अनूठे संगम के साथ मनाया गया। एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल और एमजी पब्लिक स्कूल सहित शहर के विभिन्न विद्यालयों के प्रांगण बुधवार को रंगों, संगीत और खुशियों से सराबोर नजर आए। नन्हें-मुन्नों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
प्राकृतिक रंगों से सजी ‘इको-फ्रेंडली’ होली एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल में विद्यार्थियों ने रसायनों को त्यागकर प्राकृतिक गुलाल और चंदन के साथ ‘इको-फ्रेंडली’ होली मनाई। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने विशेष पार्टी के दौरान पारंपरिक मिठाइयां साझा कीं। प्रधानाचार्या मृणालिनी अनंत और समन्वयक शीतल गोयल के नेतृत्व में शिक्षकों ने बच्चों को सुरक्षित होली और जल संरक्षण का महत्व समझाया।
सांस्कृतिक मूल्यों और व्यंजनों का संगम उधर, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में रंगोत्सव का नेतृत्व प्रधानाचार्या डॉ. स्वाति शर्मा ने किया। यहाँ प्राथमिक अनुभाग के बच्चों ने अबीर-गुलाल लगाकर आपसी प्रेम की मिसाल पेश की। उत्सव का मुख्य आकर्षण पारंपरिक व्यंजन रहे, जहाँ बच्चों और स्टाफ ने गुजिया, गोलगप्पे और दही-वड़ों का जमकर आनंद लिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में भारतीय सांस्कृतिक मूल्य सुदृढ़ होते हैं।
मासूम मुस्कान और पर्यावरण की शपथ एमजी पब्लिक स्कूल के प्राइमरी विंग में नर्सरी और केजी के छोटे बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने बताया कि पूरे परिसर को प्राकृतिक थीम और भव्य रंगोली से सजाया गया था। इस दौरान शिक्षकों ने बच्चों को पर्यावरण अनुकूल होली मनाने और पानी बचाने की शपथ दिलाई। इन कार्यक्रमों ने न केवल बच्चों का मनोरंजन किया, बल्कि उन्हें बुराई पर अच्छाई की जीत और आपसी एकता के वैश्विक संदेश से भी जोड़ा।
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