Select Language :

Home » उत्तर प्रदेश » जीएसटी में उद्योगियों को राहत, बिना ठोस आधार के नहीं होगी कार्रवाई: कपिलदेव अग्रवाल

जीएसटी में उद्योगियों को राहत, बिना ठोस आधार के नहीं होगी कार्रवाई: कपिलदेव अग्रवाल

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने विकास भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान व्यापारियों को जीएसटी मामले में मिली ऐतिहासिक राहतों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व में लिए गए निर्णयों में व्यापारी हित में बदलाव किया है, जिससे अब बिना किसी ठोस आधार के व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।
मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले व्यापारी के मामले की जांच की जाएगी, और जांच पूरी होने के बाद ही मुकदमा दर्ज होगा। शुरुआती चरण में कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी, जिससे विशेष रूप से छोटे व्यापारियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि पहले बिलों के नाम पर अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का भारी उत्पीड़न होता था। उस समय अधिकारियों की नजर में व्यापारी ‘सोने की मुर्गी’ की तरह था। इसके विपरीत, वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार व्यापारियों की समस्याओं को गहराई से समझती है और उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करती है।
जीएसटी परिषद द्वारा दी गई मुख्य राहतें और निर्णय:
  • गिरफ्तारी के प्रावधानों में ढील: जीएसटी के तहत गिरफ्तारी से जुड़े प्रावधानों को पूरी तरह से हटाने (धारा 69 को निरस्त करने) की सिफारिश की गई है।
  • मुकदमेबाजी की सीमा में वृद्धि: कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए मौद्रिक सीमा को 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने की सिफारिश की गई है।
  • जुर्माने और नोटिस में राहत:
    • धारा 125 के तहत अधिकतम सामान्य जुर्माने को 25,000 से घटाकर 10,000 कर दिया गया है।
    • 10,000 से कम की टैक्स राशि होने पर कोई ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी नहीं किया जाएगा।
  • छोटे करदाताओं को छूट: 5 करोड़ तक के वार्षिक कारोबार वाले छोटे व्यवसायियों को देय महीने के अंत तक रिटर्न दाखिल करने पर विलंब शुल्क (Late Fee) से छूट मिलेगी।
  • ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए सरलीकरण: अन्य राज्यों में भौतिक उपस्थिति के बिना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से माल बेचने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए सरल और स्वचालित पंजीकरण तंत्र (नियम 14बी) को मंजूरी मिली है।
  • रिफंड और ऑटोमेटेड सिस्टम: इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में अतिरिक्त राशि का रिफंड बिना मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित रूप से स्वीकृत होगा। साथ ही रिफंड आवेदन की पावती (Acknowledgement) की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी गई है।
  • दरों में स्पष्टता: इसबगोल (साइलियम बीजों) की आपूर्ति पर 0% जीएसटी दर निर्धारित की गई है तथा री-ट्रेड ट्रैक्टर टायरों पर दर को नए टायरों के अनुरूप किया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं व बीजों के कोल्ड स्टोरेज को जीएसटी से छूट दी गई है।
प्रेसवार्ता में व्यापारी नेताओं की रही उपस्थिति
प्रेसवार्ता के दौरान ‘फैडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कामर्स’ से अंकित संगल, लघु उद्योग भारती से जिलाध्यक्ष जगमोहन गोयल, राजेश जैन, पूर्व विधायक अशोक कंसल, उद्योगपति भीमसैन कंसल, व्यापारी नेता संजय मित्तल, कृष्णगोपाल मित्तल, राकेश त्यागी, जगमोहन गोयल और राजेश जैन सहित कई प्रमुख व्यापारी व उद्योगपति उपस्थित रहे।

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

खबरें और भी हैं...

वोट करें

[democracy id="1"]

Our Visitor

1 6 8 3 2 0
Total views : 433284

Follow us on