
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। मीरापुर कस्बे के एसडी इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. विकास कुमार शर्मा पर अपने पद का दुरुपयोग कर गंभीर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी को बिजनौर के एक सीबीएसई स्कूल से बिना टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) कटवाए, रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अपने ही कॉलेज से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा दिलाई। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल सहित बिजनौर व मुजफ्फरनगर के डीआईओएस से की गई है।


अभिलेखों में हेराफेरी और पद का दुरुपयोग: शिकायतकर्ता दीपा रानी के अनुसार, डॉ. विकास शर्मा की पुत्री बिजनौर के एएन इंटरनेशनल स्कूल में 10वीं कक्षा तक पंजीकृत थी। आरोप है कि वर्ष 2015 में प्रधानाचार्य ने अपने ही विद्यालय में किसी अन्य छात्र के एसआर (स्कॉलर रजिस्टर) नंबर में छेड़छाड़ कर अपनी बेटी का पंजीकरण यूपी बोर्ड में दिखाया। चौंकाने वाली बात यह है कि उस समय डॉ. विकास शर्मा स्वयं केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका में थे। शिकायत में कहा गया है कि छात्रा की आज तक सीबीएसई स्कूल से टीसी नहीं कटी है, जबकि वर्तमान में वह एमबीबीएस कर रही है।

इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब बिजनौर डीआईओएस ने पुष्टि कर दी कि छात्रा की टीसी उक्त सीबीएसई विद्यालय से नहीं कटी है। इससे प्रधानाचार्य द्वारा अधिकारियों को गुमराह करने और रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के आरोपों को बल मिला है।
हालांकि, कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. विकास शर्मा ने मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा कि अभी केवल शिकायत हुई है, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
डीआईओएस बोले, जांच को बनेगी कमेटी
“डा. विकास शर्मा एसडी इंटर कालेज मीरापुर के कार्यवाहक प्रधानाचार्य हैं। उनके खिलाफ एक गंभीर शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित होगी।” — राजेश श्रीवास, डीआईओएस, मुजफ्फरनगर











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