
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतना जिले के 99 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं अध्यापकों पर भारी पड़ता दिख रहा है। तय समयावधि बीत जाने के बाद भी शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध न कराने पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। डीआईओएस और बीएसए कार्यालय से संयुक्त रूप से कुल 99 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस से शिक्षा महकमे में हड़कंप
जिला जनगणना कार्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद डीआईओएस कार्यालय द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 58 विद्यालयों तथा बीएसए कार्यालय द्वारा 41 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं सहायक अध्यापकों को नोटिस थमाया गया है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
राष्ट्रीय कार्य में शिथिलता पर कार्रवाई की चेतावनी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आगामी जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के संपादन के लिए बीते 16 नवंबर को ही सभी विद्यालयों से शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा डाटा मांगा गया था। लंबी अवधि बीतने के बावजूद डाटा जमा न कराना जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में घोर लापरवाही माना गया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित प्रारूप में सॉफ्ट और हार्ड कॉपी में डाटा तत्काल जमा नहीं कराया गया, तो संबंधित प्रधानाचार्यों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस हरिकेश यादव ने जिला स्तर से प्राप्त 99 विद्यालयों की सूची में माध्यमिक शिक्षा के 58 और बेसिक शिक्षा के 41 विद्यालय शामिल हैं। सभी को नोटिस जारी कर शिक्षकों एवं कर्मचारियों का पूर्ण डाटा तत्काल प्रभाव से जमा कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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