
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। सावन के पावन महीने से पहले ही शिवभक्ति के तमाम अनूठे रंग कांवड़ मार्ग पर दिखने लगे हैं। इन दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गुजर रही एक कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं के बीच गहरी श्रद्धा और कौतूहल का केंद्र बनी हुई है। अलीगढ़ के छजूपुर गांव के रहने वाले किसान नरेंद्र जाट इस बार एक ऐसी हैरतअंगेज कांवड़ लेकर निकले हैं, जिसे देख हर राहगीर के मुंह से स्वतः ही ‘हर-हर महादेव’ का जयकारा निकल रहा है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर चले नरेंद्र अपनी विशेष मन्नत को लेकर एक भारी-भरकम स्विफ्ट कार को अपने दांतों से रस्सी के सहारे खींचकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। रविवार शाम जब वह मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक शिवचौक पहुंचे, तो उनके इस जज्बे को देख हर कोई दंग रह गया और पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।
कांवड़ मार्ग पर दिखाई दिए इस अद्भुत नजारे में नरेंद्र जाट कार के आगे बंधे रस्से के एक सिरे को अपने दांतों में दबाकर बेहद सहजता से आगे बढ़ते जा रहे हैं। इस कठिन साधना में उनके सहयोगी बिजेंद्र गुरुजी और हरिओम गुरुजी भी कदम से कदम मिलाकर उनके साथ चल रहे हैं। हरिद्वार से मुजफ्फरनगर तक का करीब 100 किलोमीटर का सफर उन्होंने सफलतापूर्वक तय कर लिया है। 28 जुलाई को कांवड़ मार्ग पर भीड़ बढ़ने से पहले वह अलीगढ़ के नजदीक पहुंच जाएंगे, जहां उन्हें 300 किलोमीटर से अधिक की यह दूरी इसी तरह कार खींचते हुए पूरी करनी है। नरेंद्र जाट ने बताया कि इस बेहद कठिन साधना के पीछे उनका देश और धर्म के कल्याण का संकल्प है। वह महादेव के चरणों में दो बड़ी प्रार्थनाएं लेकर जा रहे है।
पहली, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए और दूसरी, भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में देखा जाए। रास्ते में जगह-जगह भोले के इस अनूठे भक्त का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया जा रहा है।
वीड़ियों देखना न भूले…
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