
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। सावन के पावन महीने और आस्था से भरी कांवड़ यात्रा के बीच मुजफ्फरनगर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। इसे श्रद्धालु भोलेनाथ की कृपा मान रहे हैं।
दिल्ली के भलसुआ निवासी नेहा, पत्नी अनुराग, सात माह की गर्भवती होने के बावजूद भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा लेकर कांवड़ यात्रा पर निकली थीं। यात्रा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उस समय उनके साथ कोई भी परिजन मौजूद नहीं था। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें जिला महिला चिकित्सालय, मुजफ्फरनगर में भर्ती कराया।
अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में सामान्य प्रसव हुआ और नेहा ने दो जुड़वा पुत्रों को जन्म दिया। समय से पहले, सातवें महीने में जन्म लेने के कारण दोनों मासूमों को बेहतर इलाज और विशेष निगरानी के लिए एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार देखभाल कर रही है।
इस भावुक पल की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा स्वयं अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रसूता और नवजातों का हालचाल जाना, मां को उपहार भेंट किए और अस्पताल प्रशासन से उपचार की पूरी जानकारी ली। साथ ही नेहा के परिजनों से संपर्क कर उन्हें मुजफ्फरनगर बुलाने की व्यवस्था भी कराई।
जिला अस्पताल की cms डॉ मुरली भास्कर ने बताया कि मां और दोनों नवजात चिकित्सकों की निगरानी में हैं। चूंकि बच्चों का जन्म समय से पहले हुआ है, इसलिए उन्हें एसएनसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं।
सावन के पहले सोमवार को मिली खुशखबरी
कांवड़ यात्रा में जहां लाखों श्रद्धालु भोलेनाथ का जलाभिषेक करने निकले हैं, वहीं नेहा की झोली में महादेव ने दो बेटों का अनमोल आशीर्वाद डाल दिया। यह घटना एक बार फिर इंसानियत, संवेदनशील पुलिस व्यवस्था और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता का उदाहरण बन गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस मां ने शिवभक्ति का संकल्प लेकर यात्रा शुरू की थी, भोलेनाथ ने उसे दोहरी खुशियों का प्रसाद दे दिया।
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