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मुजफ्फरनगर में स्वीमिंग पूल संचालन के लिए मात्र 17 पर ही एनओसी, अन्य अवैध

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच जनपद में नियमों और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से कमर्शियल और स्कूली स्वीमिंग पूलों का संचालन किया जा रहा है। जिला खेल विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस चालू सत्र में जिले के कुल 17 स्वीमिंग पूलों को ही संचालन की मंजूरी दी गई है, जिसके एवज में विभाग में प्रति स्वीमिंग पूल 15-15 हजार रुपये की फीस जमा कराई गई है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि खेल विभाग की स्वीकृत सूची में केवल दो ही सीबीएसई स्कूलों को आधिकारिक रूप से स्वीमिंग पूल संचालन की मान्यता मिली है। इसके विपरीत, शहर के कई नामचीन और समाजसेवियों के स्कूलों में नियमों की खुलेआम अनदेखी कर बिना पुख्ता मान्यता के ही स्वीमिंग पूल चलाए जा रहे हैं, जिससे मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश खेल विभाग के नियमानुसार रेस्टोरेंट, होटल, स्कूल या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर स्वीमिंग पूल संचालित करने के लिए विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना अनिवार्य है, जिसके लिए खेल कोष में 15 हजार रुपये की वार्षिक फीस भी निर्धारित है। लेकिन इस बार गर्मी शुरू होते ही जिले में जगह-जगह स्वीमिंग पूलों की बाढ़ आ गई है। इनमें से आधे से अधिक संचालकों ने खेल विभाग से एनओसी लेने की जहमत तक नहीं उठाई। हालांकि, राहत की बात यह है कि गत वर्षों की तुलना में इस बार एनओसी लेने और कोष में फीस जमा करने वाले संचालकों की संख्या में कुछ वृद्धि दर्ज की गई है। बिना मान्यता और जरूरी एनओसी के चल रहे इन पूलों में जीवन रक्षक उपकरणों और लाइफ गार्ड्स की कमी के चलते मानकों की भारी अनदेखी हो रही है, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

इन स्वीमिंग पूल के पास है एनओसी

क्रीड़ा विभाग से प्राप्त सूची के अनुसार, जिले में जिन 17 स्वीमिंग पूलों को वैध रूप से संचालन की अनुमति मिली है, उनमें माउंट लिट्रा जी स्कूल, अदवेक वाटर पार्क, मान स्पोटर्स क्लब, कबीला स्वीमिंग पूल, न्यू क्रिस्टल स्वीमिंग पूल, पंडित स्वीमिंग पूल, भारत स्वीमिंग पूल, जीडी गोयनका स्वीमिंग पूल, महाराणा प्रताप स्वीमिंग पूल, एक्वा पार्क स्वीमिंग पूल, सुरम्या कैफे, नमस्ते द्वार स्वीमिंग पूल, महबूब चिल्ड्रन पार्क, फनटेसी वाटर पार्क, मंडलिन होटल, चौधरी स्वीमिंग पूल और बालाजी स्वीमिंग पूल शामिल हैं। इनके अलावा संचालित हो रहे अन्य सभी पूल अवैध श्रेणी में हैं। इस संबंध में प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र यादव ने बताया कि शहर व आसपास के क्षेत्रों से कुल 24 स्वीमिंग पूलों के संचालन के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 17 आवेदकों की धनराशि विभाग में जमा हो चुकी है और उन्हें अनुमति दी गई है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो भी स्वीमिंग पूल बिना वैध एनओसी के संचालित पाए जाएंगे, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी और विभाग जल्द ही ऐसे सेंटर्स को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।

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