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मुजफ्फरनगर: जीएसटी चोरी में फंसे नामी होटल, कच्ची पर्चियों से बुना था जाल

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के लग्जरी होटलों और बैंक्वेट हॉलों में जीएसटी चोरी का बड़ा खेल चल रहा है। स्टेट जीएसटी की एसआईबी (SIB) विंग की जांच में एक के बाद एक कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। होटल वेलविस्टा और किंग्स विला द्वारा की गई करोड़ों की हेराफेरी के पुख्ता सबूत मिलने के बाद विभाग ने वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन संचालकों का रवैया बेहद ढुलमुल बना हुआ है, जिसके बाद अब विभाग ने सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है।

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किंग्स विला पर 90 लाख की चोरी, अंतिम मौका बाकी: जीएसटी विभाग के उपायुक्त मनोज शुक्ला के अनुसार किंग्स विला होटल में पांच करोड़ के लेनदेन में 90 लाख रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। संचालकों को विभाग की ओर से समन जारी किया जा चुका है, लेकिन वे अब तक धनराशि जमा करने में आनाकानी कर रहे हैं। विभाग द्वारा सुनवाई के लिए तीन अवसर दिए जाते हैं, जिनमें से दो मौके संचालक गंवा चुके हैं और दस्तावेज जमा करने में विफल रहे हैं। उनके पास अब सिर्फ एक अंतिम अवसर शेष है। यदि इस बार भी बकाया जमा नहीं हुआ, तो विभाग कठोर कार्रवाई करेगा।

वेलविस्टा मामले में सख्ती, सुनवाई को समय: वहीं, दूसरी ओर नेशनल हाईवे स्थित होटल वेलविस्टा में बुधवार को 54 लाख रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। विभाग ने इस मामले में जांच तेज कर दी है और संचालकों को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है। उपायुक्त मनोज शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि ये होटल संचालक ग्राहकों से तो जीएसटी के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं, लेकिन सरकार को राजस्व जमा करने के समय कानूनी दांव-पेंच का सहारा लेकर टालमटोल करते हैं।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि निर्धारित समय के भीतर चोरी की गई रकम जमा नहीं की जाती है, तो मूल राशि के साथ-साथ मोटा ब्याज और भारी पेनाल्टी भी देनी होगी। वेलविस्टा मामले में संचालकों को व्यक्तिगत रूप से तलब करने की तैयारी है। यदि इसके बाद भी बकाया जमा नहीं होता, तो भविष्य में संपत्ति कुर्क करने जैसी कठोर कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।”

अन्य होटल भी रडार पर:  फिलहाल विभाग की कार्रवाई दो बड़े होटलों तक सीमित है, लेकिन अधिकारियों ने कड़ी दर कड़ी जोड़कर जिले के अन्य संदिग्ध होटल संचालकों की भी सूची तैयार कर ली है। जल्द ही अन्य बैंक्वेट हॉलों और होटलों में भी छापेमारी की तैयारी है, जिससे पूरे जनपद में अवैध टैक्स चोरी के इस धंधे पर लगाम लगाई जा सके।

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