
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के साइबर थाने में तैनात प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के उत्कृष्ट और असाधारण अपराध जांच कौशल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। वर्ष 2019 में पड़ोसी जनपद शामली में हुए बहुचर्चित भजन गायक अजय पाठक और उनके परिवार के चार सदस्यों के वीभत्स हत्याकांड की बेहतरीन व वैज्ञानिक विवेचना करने के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित ‘केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक-2024’ से नवाजा गया है। शुक्रवार, 12 जून 2026 को मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने पुलिस कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान निरीक्षक कर्मवीर सिंह को यह प्रतिष्ठित पदक सौंपकर उनका गौरव बढ़ाया। इस दौरान एसएसपी ने उनके शानदार जांच कौशल की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में जनपद शामली में सनसनीखेज वारदात सामने आई थी, जहां मुख्य आरोपी हिमांशु सैनी ने प्रख्यात भजन गायक अजय पाठक समेत उनके परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकांड के विवेचक रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह ने मामले की कमान संभालते हुए बेहद गुणवत्तापूर्ण और पेशेवर तरीके से जांच को आगे बढ़ाया था। उन्होंने आधुनिक तकनीकी और वैज्ञानिक पद्धतियों (साइंटिफिक एविडेंस) का सहारा लेकर न केवल घटना से जुड़े अचूक साक्ष्य जुटाए, बल्कि आरोपी हिमांशु सैनी को दबोचकर ठोस सबूतों के साथ न्यालय में चार्जशीट दाखिल की। विवेचक की इसी सटीक और पुख्ता पैरवी का नतीजा रहा कि वर्ष 2024 में माननीय अदालत ने आरोपी हिमांशु सैनी को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी की सजा) जैसी कठोरतम सजा सुनाई, जिसके चलते आज कर्मवीर सिंह के इस असाधारण कार्य को गृह मंत्रालय द्वारा इस राष्ट्रीय पदक से सम्मानित किया गया है।
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