
लोकपथ लाइव, गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और कृषि शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गोरखपुर में ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना से संबंधित अध्यादेश-2026 को स्वीकृति प्रदान की गई। यह उत्तर भारत का पहला और देश का दूसरा ऐसा विश्वविद्यालय होगा, जो वानिकी (Forestry) और औद्यानिकी (Horticulture) के क्षेत्र में शोध और शिक्षा को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।


यह विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जिसकी कुल अनुमानित लागत 491 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार ने इसके शुरुआती कार्यों के लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान पहले ही कर दिया है। विश्वविद्यालय में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा जैसे उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम संचालित होंगे, जिनमें वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, एग्रोफॉरेस्ट्री और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे आधुनिक विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

विशेष बात यह है कि यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज में स्थित दुनिया के पहले ‘राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र’ के समीप ही बनाया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी विकास यादव ने बताया कि कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारियों को गति दी जाएगी। इस संस्थान के बनने से न केवल प्रदेश का वनावरण बढ़ेगा, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार और किसानों के लिए प्रशिक्षण का एक बड़ा केंद्र बनेगा।












Total views : 268226