

पीपीपी के साथ गठबंधन की बनेगी सरकार
LP Live, Islamabad: एक बार फिर से पाकिस्तान में हुए चुनावों में किसी को बहुमत न मिलने के कारण गठबंधन की सरकार बनने जा रही है, जिसमें पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता शहबाज शरीफ दूसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुने गये।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ ने शनिवार को प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकन दाखिल किया, जिसके बाद पीएम पद के लिए के लिए चुनाव में शहबाज शरीफ को देश का अगला पीएम चुन लिया गया है। इस पद के लिए इमरान खान की पार्टी पीटीआई नेता उमर अयूब खान ने भी पीएम पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था, जिन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका है और शहबाज शरीफ को पीएम पद के लिए चुन लिया गया। पाकिस्तान की नई संसद के गठन के लिए हुए 8 फरवरी को हुए चुनाव में किसी भी दल को बहुमत हासिल नहीं हो सका था, जिसके कारण गठजोड़ की सियासत के बीच पीएमएल-एन ने पीपीपी और एमक्यूएम के साथ गठबंधन करके सरकार बनाने की पहल की। शहबाज इससे पहले अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक भी पाकिस्तान के पीएम रह चुके हैं। उसके लिए भी उन्होंने पीपीपी के साथ गठबंधन करके सरकार बनाई थी। शरीफ सोमवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पीएम पद की शपथ लेंगे।

शरीफ ऐसे चुने गये पीएम
पाकिस्तान की सरकार बनाने के लिए पीएम पद के लिए पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के संयुक्त उम्मीदवार शहबाज शरीफ को 336 सदस्यों वाली सीनेट में 169 वोट चाहिए थे, जिन्हें 201 वोट पड़े। जबकि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उम्मीदवार उमर अयूब खान को महज 92 वोट हासिल हो सके। दरअसल पीएमएल-एन के मुखिया नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के पीएम बनने के लिए अपने छोटे भाई को आगे किया। जबकि उन्हें उम्मीद थी कि उनकी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और वे चौथी बार देश के प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे।
चुनाव में पीएमएल-एन को 75 सीट मिली और स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। जबकि जेल में बंद इमरान खान की पार्टी के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार 90 से ज्यादा सीटें जीतने में सफल रहे। उधर पीपीपी को 54 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे में पीएमएल-एन ने बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाने का फैसला किया। इस गठबंधन में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान, इस्तेहकाम -ए-पाकिस्तान पार्टी भी शामिल हैं।
