शिक्षा

संविधान दिवस पर फैलाई गई जागरूकता, डॉ0 भीमराव अम्बेडकर को किया याद

LP Live, Muzaffarnagar:  शनिवार को होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज जडौदा मुजफ्फरनगर के सभागार में संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द गौतम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सलोनी रस्तोगी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मैत्री रस्तोगी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति डॉ0 राजीव कुमार, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड विभा धामा, जिला युवा अधिकारी प्रतिभा शर्मा, अध्यक्ष रीटा दहिया और प्रधानाचार्य डॉ0 प्रवेन्द्र दहिया द्वारा दीप प्रज्जवलित व डॉ0 भीमराव अम्बेडकर के चित्र

होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि को सम्मानित करते हुए प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया।

पर पुष्पमाला अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत के संविधान एवं इसकी विशेषताओं से अवगत कराना था।

इसमें डॉ0 राजीव कुमार ने विद्यार्थियों को बताया कि भारत के नागरिकों में संविधान के प्रति जागरूक करने एवं संविधान के मूल्यों याद दिलाने के लिए प्रत्येक वर्ष 26 नवम्बर को संविधान मनाया जाता है।
मैत्री रस्तोगी ने डॉ0 भीमराव अम्बेडकर को नमन करते हुए बताया कि हमारा संविधान विश्व में विशिष्ट स्थान रखता है। हमारा संविधान कठोर भी और लचीला भी है और जिसमें समय के अनुसार बदलाव भी संभव है। संविधान हमें मूल कर्तव्य और मूल अधिकारों से अवगत कराता है।
प्रतिभा शर्मा ने अपने व्याख्यान मेें बताया कि आसान शब्दों में कहे तो यहां हम सब एकत्र हुए यह भी आप और हम सबका अधिकार है जो संविधान हमें देता है। अधिकार के साथ-साथ हमारे कुछ नैतिक कर्तव्य भी है, जैसे राष्ट्रगान के समय सीधे खडे हो जाना, झंडा नीचे गिरा दिखाई दे तो उसे संभालकर उठाना और अपने आस-पास के वार्तावरण को स्वच्छ व सुन्दर बनाना आदि।
सतीश चन्द गौतम ने बताया कि संविधान में हमें वोट का अधिकार दिया गया, वोट का प्रयोग करके हम एक योग्य प्रतिनिधि को चुन सकते है। इनके द्वारा बताया कि बाबा साहब केवल एक विशेष वर्ग के ही नहीं अपितु समस्त भारतवासियों के सम्मानीय है, जिन्होंने सभी को समानता का अधिकार देने की पहल की थी।
विभा धामा ने विद्यार्थियों को  बताया कि 26 नवम्बर 1949 को हमें संविधान दिवस मनाने का अधिकार मिला। जो हिन्दू है उनका धार्मिक ग्रंथ गीता है, मुस्लिम का कुरान एवं ईसाइयों का बाईबिल है,  लेकिन भारत के नागरिकों के लिए भारतीय संविधान ही एक धार्मिक ग्रंथ है।

सलोनी रस्तोगी ने विद्यार्थियों को बताया कि संविधान और कानून की जानकारी रखना हम सभी के लिए आवश्यक है। अपने संविधान के आदेशों का पालन करना हमारा कर्तव्य है।

इस अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष पर कलाकार आर्ट गैलरी, नई दिल्ली की ओर से आयोजित ऑनलाईन भारतमाता पेन्टिंग प्रतियोगिता के विजेताओं एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को अतिथियों एवं इस प्रतियोगिता के कोर्डिनेटर अमरीश सैनी द्वारा प्रमाण-पत्र एवं उपहार दिये गये। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य डॉ0 प्रवेन्द्र दहिया ने सभी अतिथियों का अपना बहूमूल्य समय देने के लिए आभार व धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिन कश्यप, नितिन बालियान, मंजूला, सतकुमार, रजनी शर्मा, आजाद सिंह एवं समस्त शिक्षकों का सहयोग रहा।

admin

लोकपथ लाइव वेबसाइड एक न्यूज बेवसाइट है। यहां खबरों के साथ देश के प्रतिभाशाली व्यक्तियों का परिचय भी उनकी उपलब्धियों के साथ कराना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। हमारा मकसद आप तक सच्ची खबरें तथ्यों के साथ पहुंचाना है। लोकपथ लाइव पर अंतराष्ट्रीय, राष्ट्रीय सहित विभिन्न राज्यों के जिलों और गांव तक की ताजा खबरें पढ़ सकते हैं। - प्रधान संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button