
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। प्रदेश में शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान वितरण कार्यक्रम का मंगलवार को भव्य शुभारंभ हुआ। मुजफ्फरनगर के शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के अनुरूप 18,000 रुपये का मानदेय चेक राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल द्वारा सौंपा गया। इस अवसर पर लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बेसिक शिक्षा मंत्री के लाइव प्रसारण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण उपस्थित शिक्षामित्रों को दिखाया गया।
मां सरस्वती की वंदना और अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जनपद के समस्त विकास खंडों से आए लगभग 1000 शिक्षामित्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
शिक्षामित्र केवल शिक्षक नहीं, शिक्षा प्रहरी हैं: बेसिक शिक्षा मंत्री
कार्यक्रम के दौरान प्रसारित लाइव संदेश में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र केवल शिक्षक नहीं हैं, बल्कि हर गांव में शिक्षा प्रहरी के रूप में कार्य कर रहे हैं। नई पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में उनकी अहम भूमिका है। शिक्षामित्रों की सेवाओं और समय की मांग को देखते हुए सरकार ने उनके मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है, जो एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है।
स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार और ‘स्कूल चलो अभियान’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लाइव संबोधन भी सुनाया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शौचालय, फर्नीचर, पेयजल, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि ड्रॉप-आउट दर को रोका जा सके और बच्चों का नामांकन बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने एक जुलाई 2026 से ‘स्कूल चलो अभियान’ के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शिक्षामित्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल और पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला समन्वयक सुशील कुमार, अंकुर कुमार, विपिन कुमार, लेखाकार पवन कुमार और रोहित सिंह सहित अन्य स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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