
राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की अंतिम मतदाता सूची: जनपद नौ ब्लॉकों में वोटिंग करेंगे 16.67 लाख मतदाता
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने की दिशा में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण और सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी करके अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा चुनाव में हो रही देरी को लेकर किये गये हस्तक्षेप के बाद आयोग ने पंचायत चुनाव की तैयारी को लेकर अपनी प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस अंतिम सूची में प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की नौ विकास खंडो के आंकड़े जारी कर दिये हैं, जिसमें शाहपुर ब्लॉक में सबसे ज्यादा 7.85 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या बढ़ी, तो वहीं बुढ़ाना ब्लॉक इस मामले में दूसरे पायदान आया। जबकि पुरकाजी ब्लॉक में सबसे कम 4.15 प्रतिशत वोटरों का इजाफा हुआ है।


जिले में कटे 1.56 लाख मतदाताओं के नाम
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, इस बार जनपद की मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए विशेष अभियान चलाकर पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इस पुनरीक्षण के दौरान डुप्लीकेट, मृतक और विस्थापित श्रेणी के कुल 1,56,412 फर्जी और मृतकों के नामों को सूची से हटाया गया है। जबकि मतदाता सूची में 88,224 नए मतदाताओं के नामों को शामिल किया है। सबसे खासबात ये है कि चुनावी प्रबंधन को अत्यधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आयोग ने इस बार सभी पंचायत मतदाताओं को 9 अंकों का एक विशिष्ट ‘स्टेट वोटर नंबर’ आवंटित किया है। इससे फर्जी मतदान पर पूरी तरह रोक लगेगी।

जनपद का सबसे बड़ा ब्लॉक बुढ़ाना
मुजफ्फरनगर में मतदाताओं की कुल संख्या के लिहाज से बुढ़ाना जिले का सबसे बड़ा ब्लॉक है, जबकि सबसे छोटे ब्लॉक में पुरकाजी शामिल है। जनपद में शाहपुर ब्लॉक में विकास और मतदाता जागरूकता की रफ्तार सबसे अधिक रही, जहां रिकॉर्ड 7.85 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जबकि बुढ़ाना ब्लॉक का नाम दूसरे स्थान पर दर्ज हुआ। जनपद में सबसे कम 4.15 प्रतिशत वोटर पुरकाजी पुरकाजी ब्लॉक में बढ़े हैं।
खतौली ब्लॉक में सबसे ज्यादा गांव
जनपद में गांवों और मतदाताओं के अनुपात का एक बेहद दिलचस्प पहलू सामने आया है। खतौली ब्लॉक में जनपद के सबसे अधिक 84 गांव शामिल हैं। इसके ठीक उलट, सदर ब्लॉक के प्रति गांव में औसत मतदाताओं की संख्या जिले में सबसे अधिक दर्ज की गई है। अधिक गांव होने के कारण यहाँ कुल मतदाता संख्या तो बहुत ज्यादा है, लेकिन जब प्रति गांव मतदाताओं का औसत निकाला जाता है, तो वह पूरे जिले में सबसे कम बैठता है।
मुजफ्फरनगर में पंचायतों का गणित
जनपद के कुल नौ विकास खंड (ब्लॉक) के अंतर्गत 487 गांव शामिल है, जहां अंतिम सूची के अनुसार कुल 16,67,266 मतदाताओं को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मताधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।
सदर ब्लॉक: 43 गांवों में 176697 मतदाता।
खतौली ब्लॉक: सबसे ज्यादा कुल 84 गांवों में 222680 मतदाता।
जानसठ ब्लॉक: 61 गांवों में 197723 मतदाता।
मोरना ब्लॉक: कुल 50 गांवों में 182860 मतदाता।
बघरा ब्लॉक: कुल 48 गांवों में 193136 मतदाता
बुढ़ाना ब्लॉक: कुल 60 गांवों में 235853 मतदाता
शाहपुर ब्लॉक: कुल 40 गांवों में 154107 मतदाता
चरथावल ब्लॉक: कुल 58 गांवों में 182429 मतदाता।
पुरकाजी ब्लॉक: कुल 43 गांवों में 121781 मतदाता
चुनाव की अधिसूचना को लेकर बढ़ी बेसब्री
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पंचायत चुनाव के लिए जारी अंतिम सूची के बाद प्रदेश में चुनाव कराने की प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली और अब कभी भी पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकती है, जिसका राजनीतिक दलों और पंचायत चुनाव की सियासत करने वालों को बेसब्री से इंतजार भी रहेगा। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव की संभावित समय-सीमा के बारे में जानकारी मांगी थी। ऐसे में अंतिम मतदाता सूची जारी होने को चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।











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