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मुजफ्फरनगर में पहले दिन 12,919 अभ्यर्थियों ने दी पुलिस भर्ती परीक्षा

लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। सोमवार को जनपद के 17 परीक्षा केंद्रों पर शुरु हुई तीन दिवसीय पुलिस भर्ती परीक्षा पहले दिन पूरी तरह शांतिपूर्ण, नकलविहीन और अभूतपूर्व पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने खुद और उनकी गठित टीमों ने कई परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा के पहले दिन 12,919 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि दोनों पालियों में 3,545 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे;

जनपद में यह परीक्षा 08, 09 और 10 जून को प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित हो रही है। पहले दिन सोमवार को जनपद में कुल 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां सुबह 10 बजे पहली पाली शुरू होते ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी-लंबी कतारें नजर आईं। पहले दिन परीक्षा के लिए कुल 16,464 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 12,919 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पहली पाली (सुबह 10 बजे) में पंजीकृत 8,232 अभ्यर्थियों में से 6,412 उपस्थित रहे, जबकि 1,820 गैरहाजिर रहे। जबकि दोपहर 3 बजे से शुरू हुई दूसरी पाली में भी 8,232 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6,507 परीक्षा हॉल पहुंचे और 1,725 अनुपस्थित रहे। कुल मिलाकर पहले दिन की उपस्थिति 78.5% दर्ज की गई, जबकि दूरदराज से समय पर न पहुंच पाने या अधूरी तैयारी के चलते 21.5% (3,545) अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।

थ्री-लेयर चेकिंग और अभेद्य सुरक्षा

परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा। परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों को ‘थ्री-लेयर’ (तीन स्तरीय) गहन चेकिंग से गुजरना पड़ा। परीक्षार्थियों के जूते-मोजे, बेल्ट और कड़े तक उतरवाकर तलाशी ली गई। परीक्षा कक्षों में केवल एडमिट कार्ड, नीला बॉलपेन और पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति थी।

केंद्रों पर तकनीकी सुरक्षा से निगरानी

सभी केंद्रों पर आधुनिक जैमर लगाए गए थे ताकि मोबाइल और इंटरनेट सिग्नल पूरी तरह ब्लॉक रहें। इसके अलावा, क्लासरूम में लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड सीधे कमांड सेंटर और लखनऊ मुख्यालय भेजी जा रही थी। फर्जी अभ्यर्थियों (सॉल्वर) को रोकने के लिए बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 (बीएनएस) लागू रही, जिसके तहत फोटोस्टेट, साइबर कैफे और चाय की दुकानें पूरी तरह बंद करा दी गईं।

साल्वरों के खिलाफ बुना गया सुरक्षा चक्र

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मुजफ्फरनगर पुलिस की पीठ थपथपाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि नीयत साफ हो, तो पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा संभव है। हमारी खुफिया टीमें सॉल्वर गैंग पर 24 घंटे पैनी नजर रख रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी नकल करते या कराते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसका करियर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

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