
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: राज्य कर विभाग मुजफ्फरनगर की सचल दल इकाई ने कर चोरी के एक महत्वपूर्ण प्रयास को विफल करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। खतौली के सहायक आयुक्त (राज्य कर) नितिन कुमार बाजपेई के नेतृत्व में विभाग ने एक वाहन से 80.71 लाख रुपये का अर्थदंड (पेनाल्टी) जमा कराया है। इस त्वरित कार्रवाई से कर चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया। वहीं मुजफ्फरनगर में पिछले कई वर्षों में एक साथ वाहन से बड़ी धनराशि जमा कराने का मामला इतिहास में दर्ज हुआ।
3 महीने से चल रही थी निगरानी: सहायक आयुक्त नितिन कुमार बाजपेई पिछले लगभग 3 महीने से इस वाहन को पकड़ने के लिए प्रयासरत थे। 24 अप्रैल 2026 की रात लगभग 11:45 बजे सूचना मिली कि उक्त वाहन में कॉपर इंगॉट (तांबे के सिल्लियां) लोड किया जा रहा है और इसका बिल कहीं और का लगाया जाएगा। सूचना मिलते ही उन्होंने विभागीय पोर्टल, विभिन्न सॉफ्टवेयर और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से वाहन की लोकेशन ट्रेस की। सटीक आकलन के बाद, उनकी टीम ने वाहन को दो अन्य प्राइवेट वाहनों के साथ पकड़ लिया।
जुर्माना जमा कर वाहन हुआ मुक्त: सहायक आयुक्त नितिन कुमार बाजपेई ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर वाहन को जीएसटी की सुसंगत धाराओं के तहत डिटेन कर लिया और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की। जांच में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर व्यापारी को नोटिस जारी किया गया। इसके अनुपालन में, व्यापारी ने 1 मई 2026 को राज्य कर कार्यालय मुजफ्फरनगर में स्वयं उपस्थित होकर कैश लेजर में 80.71 लाख रुपये की पेनाल्टी जमा कराई। इसके बाद वाहन को मुक्त कर दिया गया।
सफल ऑपरेशन में इनकी रही मुख्य भूमिका: यह पूरी विभागीय कार्रवाई संयुक्त आयुक्त (राज्य कर) मुजफ्फरनगर, सिद्धेश चंद्र दीक्षित के निर्देशन में संपन्न हुई। इस सफल अभियान में राज्य कर अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, वाहन चालक गांधी जी और पुलिसकर्मी विनीत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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