
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालय के बच्चों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जून का समाप्त हो गया। मंगलवार को प्रदेश में सभी परिषदीय स्कूल खुल गए, लेकिन पहले दिन कक्षाओं से रौनक पूरी तरह गायब रही। अधिकांश विद्यालय सुबह आठ बजे अपने निर्धारित समय पर खुले और शिक्षकों ने भी अपनी शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई, परंतु बच्चों की संख्या बेहद कम या नाममात्र ही रही। पहले दिन की इस स्थिति को देखते हुए बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारियों ने अध्यापकों को परिसर की व्यवस्थाएं और साफ-सफाई दुरुस्त करने के निर्देश दिए। यह स्थिति मंगलवार को मुजफ्फरनगर जिले की रही, अन्य जिलों से मिले रूझान भी इसी प्रकार रहे।
मुजफ्फरनगर नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गर्बी में सुबह 9 बजे के बाद गिने-चुने छात्र ही पहुंचे, जिन्हें शिक्षकों ने ज्ञानवर्धक गतिविधियां कराईं। वहीं मीरापुर क्षेत्र के स्कूलों में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक रही; यहाँ प्राथमिक विद्यालय नंबर-3 में कुल 125 पंजीकृत छात्रों में से एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा, जबकि विद्यालय नंबर-1 और 2 में भी उपस्थिति इकाई के आंकड़े पर ही सिमट कर रह गई। खतौली क्षेत्र के स्कूलों में जो बच्चे पहुंचे भी, वे अत्यधिक गर्मी और तैयारियों की कमी के कारण बिना बैग और यूनिफॉर्म के नजर आए।
इसके विपरीत जानसठ और पुरकाजी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पहले दिन पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने अनूठे अंदाज में स्वागत किया। गांव चित्तौड़ा और पीएम श्री कंपोजिट स्कूल तुगलकपुर में बच्चों को तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और हलवा व मिष्ठान खिलाकर उनका स्वागत किया गया। हालांकि, यहाँ भी अधिकांश बच्चे अपनी मौसी या नाना-नानी के घर छुट्टियां मनाते मिले। प्रधानाध्यापकों और अभिभावकों को उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह के भीतर बच्चों की उपस्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। कुछ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बताया कि मंगलवार को स्कूलों में स्थिति बेहद शांतिपूर्ण रही। बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। कुछ बच्चों को बैठाने के लिए घरों से बुलाना पड़ा। घरों में जाकर यह भी पता चला कि बच्चें अभी अपने नामा-नानी, मौसी आदि रिश्तेदारों के घर पर ही है। कुछ बच्चें स्कूलों में पहुंचे तो अधिकतर बिना ड्रैस के पहुंचे।
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