
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने जनपद दौरे के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए सूबे की मौजूदा सरकार पर तीखे राजनैतिक तीर चलाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर अफवाह फैलाकर विपक्षी दलों को बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया। पूर्व मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस समय ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को अपने साथ मजबूती से जोड़ने का काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत आगामी विधानसभा चुनावों में मुजफ्फरनगर जनपद की सभी विधानसभा सीटों पर टिकट घोषणा के दौरान पीडीए वर्ग का विशेष और प्रमुखता से ध्यान रखा जाएगा, ताकि शोषितों को उनका वास्तविक हक मिल सके।
शहर के महावीर चौक स्थित सपा जिला कार्यालय पर पहुंचे राष्ट्रीय सचिव राम आसरे विश्वकर्मा ने देश और प्रदेश के मौजूदा हालातों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लगातार महंगाई और बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। युवाओं को हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का जो वादा किया गया था, वह पूरी तरह से एक बड़ा राजनैतिक धोखा साबित हुआ है। सरकार की नीतियों पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्होंने आंकड़ों का हवाला दिया और आरोप लगाया कि इस शासनकाल में अब तक सरकारी नौकरियों की 22 विभिन्न परीक्षाएं आयोजित की गईं, लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इनमें पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के लिए आरक्षित 11,514 महत्वपूर्ण पदों को नियमों को ताक पर रखकर सामान्य वर्ग से भर दिया गया। यह सीधे तौर पर वंचितों के आरक्षण और उनके अधिकारों पर डकैती है।
पूर्व मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि समाजवादी पार्टी का एकमात्र मुख्य लक्ष्य वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से जड़ से उखाड़ फेंकना है। इसके लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रेसवार्ता के दौरान सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी सहित पार्टी के तमाम अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने आगामी राजनैतिक लड़ाइयों के लिए एकजुटता का संकल्प लिया।
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