Select Language :

Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर में राहत बनकर बरसी आफत की गर्मी पर बूंदें: रातों-रात बदला मौसम का मिजाज, झमाझम वर्षा से लुढ़का पारा

मुजफ्फरनगर में राहत बनकर बरसी आफत की गर्मी पर बूंदें: रातों-रात बदला मौसम का मिजाज, झमाझम वर्षा से लुढ़का पारा

खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित होगी बारिश, कई मुख्य मार्गों पर जलभराव से थमी रफ्तार
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से भीषण लू, चिलचिलाती धूप और 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के जानलेवा तापमान से झुलस रहे मुजफ्फरनगर के लोगों के लिए बुधवार का सूर्योदय राहत की नई उम्मीद लेकर आया। सुबह से ही आसमान में उमड़े काले-घने बादलों ने देखते ही देखते पूरे शहर और ग्रामीण अंचलों को अपनी आगोश में ले लिया और फिर शुरू हुआ झमाझम बारिश का ऐसा दौर, जिसने तपती धरती को शांत कर दिया। ठंडी हवाओं के झोंकों और मूसलाधार फुहारों ने फिजा में ऐसी ठंडक घोली कि लोग पिछले कई दिनों की उमस भरी रातों को भूलकर झूम उठे। लंबे समय बाद मौसम सुहावना होने से न केवल आम जनमानस ने चैन की सांस ली है, बल्कि पूरा परिवेश तरोताजा नजर आ रहा है।

How to Make a News Portal

बिजली कटौती और लू से बेहाल थे लोग
मौसम में आए इस अचानक बदलाव से पहले मुजफ्फरनगरवासी नारकीय गर्मी का सामना करने को मजबूर थे। दोपहर के समय सूरज की तपिश के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था और लू के थपेड़े शरीर को झुलसा रहे थे। गर्मी के इस अत्यधिक प्रकोप के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जिससे जगह-जगह ट्रिपिंग और अघोषित कटौती ने लोगों का जीना दूभर कर रखा था। बुधवार को हुई इस झमाझम बारिश ने एक झटके में तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है। सुबह से लेकर शाम तक आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रही, जिससे दिनभर मौसम खुशनुमा बना रहा और लोगों को घरों से बाहर सुकून से निकलते देखा गया।

सड़कों पर दिखी मानसून की मस्ती
जैसे ही कड़कड़ाहट के साथ बारिश की पहली बौछारें गिरीं, सड़कों का नजारा पूरी तरह बदल गया। जो लोग बिना किसी सुरक्षा के बाहर थे, उन्होंने दुकानों और पेड़ों की छांव में शरण ली, जबकि अधिकांश लोग छाता तानकर और रेनकोट पहनकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते रहे। दोपहिया वाहन चालकों ने बारिश की परवाह किए बिना सफर जारी रखा। शहर के कई चौराहों पर बच्चों और युवाओं की टोलियां इस पहली बड़ी बारिश का आनंद लेते और नहाते हुए नजर आईं। हालांकि, बारिश के चलते कुछ देर के लिए मुख्य बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल थोड़ी थमी रही, लेकिन चेहरे पर छाई मुस्कान गवाही दे रही थी कि यह राहत कितनी जरूरी थी।

गन्ने और धान की फसल को मिला नया जीवन
इस बारिश को सबसे ज्यादा संजीवनी कृषि क्षेत्र, विशेषकर स्थानीय किसानों के लिए माना जा रहा है। मुजफ्फरनगर के ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही खबरों के अनुसार, यह वर्षा खरीफ की मुख्य फसलों जैसे धान, गन्ना, हरा चारा और सब्जियों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। खेतों में लंबे समय से पड़ रही दरारें अब पानी से तर हो चुकी हैं, जिससे जमीन में नमी बढ़ेगी और फसलों की ग्रोथ में तेजी आएगी। स्थानीय किसानों का कहना है कि नहरों और नलकूपों के सहारे हम कब तक सिंचाई करते? डीजल और बिजली का खर्च बढ़ रहा था। सही समय पर हुई इस प्राकृतिक बारिश ने हमारी फसलों को नया जीवन दे दिया है, जिससे इस बार उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।”

निचले इलाकों में जलभराव: ड्रेनेज सिस्टम की खुली पोल
एक तरफ जहां बारिश राहत का संदेश लेकर आई, वहीं दूसरी ओर इसने नगर निकाय की जल निकासी व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। शहर के कई निचले रिहायशी इलाकों और कुछ प्रमुख सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से राहगीरों, विशेषकर बाइक सवारों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। जलभराव के चलते प्रमुख चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात रेंगता हुआ नजर आया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी सुनिश्चित कराने और नालों की सफाई मुस्तैदी से कराने की मांग की है।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी: अभी और बरसेंगे बदरा
मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। विभाग ने आगामी 48 से 72 घंटों के भीतर जिले और आस-पास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। यदि मौसम का यही रुख बरकरार रहता है, तो तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जो आने वाले दिनों में कृषि और मानव जीवन दोनों के लिए बेहद अनुकूल साबित होगा।

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

वोट करें

[democracy id="1"]

Our Visitor

1 2 1 7 2 4
Total views : 357495

Follow us on