
शासनाध्यक्ष के तौर पर पूरे किए 4,399 दिन, नेहरू और इंदिरा गांधी के ‘लगातार कार्यकाल’ का रिकॉर्ड टूटा
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: भारत के राजनीतिक इतिहास में बुधवार (10 जून) का दिन एक नया मील का पत्थर साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक इस पद पर बने रहने वाले पहले ‘निर्वाचित’ (चुने हुए) प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने एक विशेष प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जमकर सराहना की। बैठक के दौरान कैबिनेट के सभी वरिष्ठ सदस्यों ने खड़े होकर और जोरदार तालियां बजाकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया और उन्हें देश को विकास के नए शिखर पर ले जाने के लिए बधाई दी।


नेहरू और इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पीछे छूटा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्र सरकार के प्रमुख (शासनाध्यक्ष) के तौर पर अपने 12 साल (4,399 दिन) सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस कार्यकाल के साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। तुलना का आधार: राजनीतिक विश्लेषकों और आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस तुलना के लिए नेहरू के 1952 के बाद के कार्यकाल को आधार माना गया है, क्योंकि 1947 से 1952 के बीच उन्होंने अंतरिम (गैर-निर्वाचित) सरकार का नेतृत्व किया था। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर 14 साल से अधिक समय तक शासन किया, लेकिन उनका कार्यकाल लगातार (निरंतर) नहीं था। इसके विपरीत, पीएम मोदी 2014 में पहली बार ऐतिहासिक जनादेश हासिल करने के बाद, 2019 और फिर 2024 में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होकर बिना रुके देश का नेतृत्व कर रहे हैं।

राष्ट्र-निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर के स्वर्णिम 12 वर्ष
कैबिनेट प्रस्ताव में इस बात को रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश ने बुनियादी ढांचे और विकास के मामले में युगांतकारी परिवर्तन देखे हैं। इस दौर में कई ऐतिहासिक और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे। इनमें नया संसद भवन, सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट, कर्तव्य पथ, देश की पहली सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनें, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, कश्मीर रेल लिंक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नमो भारत आरआरटीएस (RRTS) और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी मेगा परियोजनाएं शामिल हैं, जिन्होंने वैश्विक पटल पर भारत की नई तस्वीर पेश की है।
भारत मंडपम में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन और महाजश्न
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा राजधानी दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में एक हाई-प्रोफाइल और भव्य बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक केंद्र में एनडीए सरकार के शानदार सफर और पीएम मोदी की इस अद्वितीय उपलब्धि के जश्न को समर्पित है। इस महाबैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित गठबंधन सहयोगी दलों के तमाम शीर्ष नेता शिरकत कर रहे हैं। इसके अलावा, एनडीए शासित देश के सभी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने दिल्ली पहुंचे हैं।
भविष्य की प्राथमिकताओं और चुनावी चुनौतियों पर होगा मंथन
सूत्रों के अनुसार, भारत मंडपम में होने वाली इस बैठक का एजेंडा सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं है। इसमें एनडीए सरकार के अब तक के कार्यकाल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करने के साथ-साथ भविष्य के राजनीतिक रोडमैप, आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों की रणनीतियों और सुशासन से जुड़ी नई पहलों पर गंभीर चर्चा होगी। सहयोगी दलों के नेता इस मंच से साझा प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना अटूट विश्वास और समर्थन एक बार फिर दोहराएंगे।











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